अजमेर, जेएनएन। राजस्थान के नवगठित मंत्री मंडल के 23 मंत्रियों में से 13 केबिनेट और 10 राज्यमंत्री बने लेकिन अजमेर संभाग के नागौर जिले की दस में से छह सीटें कांग्रेस की झोली में डालने के बाद भी जनता का कोई प्रतिनिधी सरकार में शामिल नहीं किया गया। ऐसा ही भीलवाड़ा के साथ भी हुआ। भीलवाड़ा और नागौर की राजनीतिक उपेक्षा कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में भारी पड़ सकती है। भीलवाड़ा से पूर्व में कांग्रेस के सीपी जोशी सांसद रहे हैं।

नागौर से नावां के विधायक महेन्द्र चौधरी दूसरी बार तथा जायल की विधायक श्रीमती मंजू देवी मेघवाल तो पूर्व में मंत्री भी रह चुकी हैं। जाट बहुल्य क्षेत्र नागौर की उपेक्षा ऐसे में कांग्रेस को लोकसभा के चुनाव में भारी पड़ सकती हैं।

भीलवाड़ा से भी कोई मंत्री नहीं:

संभाग के भीलवाड़ा की 7 में से 2 सीटों पर ही कांग्रेस की जीत हुई है, लेकिन मंत्रिमंडल में भीलवाड़ा को भी प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। हालांकि रामलाल जाट को मंत्री बनने की उम्मीद थी, लेकिन जाट की यह उम्मीद धरी रह गई। अजमेर संभाग के टोंक जिले का प्रतिनिधित्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट कर रहे हैं, जबकि अजमेर की जिम्मेदारी केबिनेट मंत्री डॉ रघु शर्मा ने ले ली है।अजमेर की आठ में से सिर्फ दो सीटें कॉग्रेस को मिली है। इनमें भी एक केबिनेट मंत्री बने हैं वहीं दूसरी सीट मसूदा के विधायक राकेश पारीक को संसदीय सचिव बनाए जाने की उम्मीद है। 

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस