चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। Loksabha Election 2019 में भाजपा में जीत के लिए बड़े दांव आजमाने की तैयाारी में है। इसके लिए वह बॉलीवुड स्‍टारों काे भी मैदान मेंं उतारने की तैयारी में है। ऐसे में अमृतसर व गुरदासपुर लोकसभा सीटों पर इस बार मुकाबला काफी रोचक हो सकता है। गुरदासपुर में अपने समय के बॉलीवुड स्‍टार विनोद खन्‍ना के निधन के बाद उनके पुत्र अक्षय खन्‍ना को पिता की विरासत दी जा सकती है। इसी तरह अमृतसर सीट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। अक्षय खन्‍ना गुरदासपुर सीट पर कांग्रेस के पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ को चुनौती दे सकते हैं।

कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ से चुनावी जंग लड़ सकते हैं अक्षय खन्ना

अमृतसर और गुरदासपुर सीटों पर कांग्रेस की नजर भी खास तौर टिकी हैं। ऐसे में इन सीटें पर हाई प्रोफाइल चुनाव देखने को मिलेगा। गुरदासपुर में भाजपा के प्रदेश प्रधान व सांसद सुनील जाखड़ के सामने भाजपा अक्षय खन्ना को उतार सकती है। अक्षय भाजपा का झंडा थाम अपने स्वर्गीय पिता विनोद खन्ना की राजनीतिक विरासत को संभाल सकते हैं।

गुरदासपुर और अमृतसर सीट को लेकर भाजपा अंतिम समय में खोलेगी पत्ते

गुरदासपुर से चार बार सांसद रह चुके स्वर्गीय विनोद खन्ना की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए भाजपा उनके बेटे को जिम्मेदारी सौंपने सकती है। माना जा रहा है कि भाजपा ने अमृतसर और गुरदासपुर सीट को लेकर पैनल शॉर्ट लिस्ट कर लिया है। हालांकि, इस सीट से विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना भी दावा कर रही हैं, लेकिन भाजपा अक्षय को ही तरजीह दे रही है।

अक्षय खन्ना ने डॉ. मनमोहन सिंह के ऊपर बनी फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर में प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारु का किरदार निभाया था। भाजपा का मानना है कि अक्षय अगर गुरदासपुर से चुनाव लड़ते हैं तो इस सीट पर उन्हें अपने पिता की राजनीतिक कद का लाभ मिल सकता है। वहीं, नया चेहरा होने के कारण उनको लेकर कोई मनमुटाव भी नहीं होगा।

अमृृतसर सीट से सन्‍नी देयाेल को मैदान में उतारने की भी चर्चाएं, हरदीप पुरी भी दावेदार में

दूसरी आेर, चर्चा इस बात को लेकर भी है कि भाजपा अमृतसर से केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप पुरी को चुनाव मैदान में उतार सकती है। दिल्ली के जन्मे हरदीप पुरी का भले ही पंजाब के कोई सीधा वास्ता न हो, लेकिन भाजपा उन्हें सिख चेहरे के तौर पर अमृतसर से उतार सकती है। इस सीट के लिए पहले भाजपा सनी देओल को उतारने का भी मन बना रही है।

पूर्व नौकरशाह हरदीप पुरी पिछले दिनों अमृतसर में खासे सक्रिय रहे हैं। वहीं, अमृतसर सीट से पूर्व मंत्री अनिल जोशी भी दावा ठोक रहे हैं। अकाली दल से टूट कर अकाली दल टकसाली का भी अमृतसर और खडूर साहिब में आधार है। ऐसे में अगर भाजपा बेदाग चेहरा भाजपा सामने लाती है, तो इसका लाभ भाजपा को मिल सकता है।

कांग्रेस भी भाजपा के इंतजार में

कांग्रेस इस इंतजार में है कि भाजपा गुरदासपुर और अमृतसर को लेकर अपने पत्ते खोले। हालांकि, गुरदासपुर से सुनील जाखड़ का चुनाव लडऩा तय माना जा रहा है। अमृतसर सीट से भले ही कांग्र्रेस के गुरजीत औजला सांसद हों, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस उनकी टिकट काट सकती है।

ऐसा रहा था विनोद खन्ना का सियासी सफर, गुरदासपुर से चार बार जीते चुनाव

1998 में विनोद खन्ना ने कांग्र्रेस के गढ़ गुरदासपुर का किला भेद दिया था। खन्ना ने कांग्रेस की कद्दावर नेता सुखवंश कौर भिंडर को 6823 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। 1999 में विनोद खन्ना ने दोबारा यह सीट 1399 वोटों से जीती। 2004 में विनोद खन्ना ने भिंडर को लगातार तीसरी बार शिकस्त दी, जबकि 2009 में वह प्रताप सिंह बाजवा के हाथों चुनाव हार गए। 2014 में उन्होंने दोबारा बाजवा को हराकर जीत हासिल की थी।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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