यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो दर्जन संसदीय सचिव लगाने को बिल लाएगी सरकार
पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार राज्य में संसदीय सचिवों की नियुक्ति के लिए बिल लाएगी। सरकार का इरादा 24 संसदीय सचिव नियुक्त करने का है।

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब सरकार मौजूदा विधानसभा सत्र के आखिरी दिन संसदीय सचिव नियुक्त करने का बिल लाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार का इरादा 24 संसदीय सचिव नियुक्त करने का है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद संसदीय सचिव नियुक्त करने की पैरवी कर रहे हैं ताकि युवा व नए विधायकों को मंत्रियों के साथ बतौर संसदीय सचिव नियुक्त कर उन्हें आगे मंत्री बनने के लिए तैयार किया जा सके।
गौरतलब है कि पूर्व अकाली-भाजपा सरकार में 24 मुख्य संसदीय सचिव थे। इन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर इस कारण हटाना पड़ा था क्योंकि कानूनन ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
इसी कारण कैप्टन अमरिंदर संसदीय सचिवों की नियुक्ति को कानूनी जामा पहनाना चाहते हैं मगर इसी कारण इस संबंधी बिल लाकर उस पर विधानसभा की मुहर लगवाना चाहते हैं। अमङ्क्षरदर चाहते हैं कि युवा व पहली बार जीते विधायकों को यह मौका दिया जाए। दूसरी ओर मंत्री बनने का दावा ठोक रहे दो-तीन बार जीत चुके विधायक भी चाहते हैं कि यदि उन्हें मंत्री नहीं बनाया जा रहा तो कम से कम संसदीय सचिव ही बना दिया जाए। ऐसे में विधानसभा से इस बिल पर मुहर लगने के बावजूद संसदीय सचिव बनाने के लिए विधायक चुनना मुख्यमंत्री के लिए आसान नहीं होगा।
इन विधायकों को सीपीएस लगाने पर हो सकता है विचार
सूत्रों की मानें तो फतेह जंग बाजवा, बरिंदर सिंह, हरमिंदर सिंह गिल, रमनजीत सिंह सिक्की, सुखपाल सिंह भुल्लर, अंगद सिंह, नवतेज चीमा, सुशील रिंकू, चौ. सुङ्क्षरदर सिंह, हरजोत कमल सिंह, रजनीश कुमार, डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, अरुण डोगरा, दलबीर सिंह गोल्डी, सुखविंदर राज सिंह सरकारिया, सुखविंदर सिंह डैनी, हर प्रताप सिंह अजनाला, इंद्रबीर सिंह बुलारिया, परगट सिंह, संजीव तलवाड़, गुरप्रीत सिंह जीपी, कुशलदीप सिंह ढिल्लों, सतकार कौर, गुरप्रीत कांगड़ और राजिंदर सिंह आदि में से संसदीय सचिव बनाए जाएंगे।
