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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री नारायणसामी बोले, पार्टी का काम करने को लेकर नहीं लड़ रहा चुनाव

By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
Published: Sun, 21 Mar 2021 06:54 PM (IST)Updated: Sun, 21 Mar 2021 07:01 PM (IST)

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवी सुब्रमणियन कराइकाल उत्तरी से चुनाव लड़ रहे ...और पढ़ें

पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की फाइल फोटो
पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की फाइल फोटो

पुडुचेरी, प्रेट्र। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि चुनाव संबंधी कार्यो और केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी के कार्यक्रमों का समन्वय करने की जरूरत है, इसलिए इस बार वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश में छह अप्रैल को मतदान कराया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवी सुब्रमणियन कराइकाल उत्तरी से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए वह (नारायणसामी) और कांग्रेस संसद सदस्य वी. वैतिलिंगम चुनाव संबंधी पार्टी गतिविधि का समन्वय कर रहे हैं। चुनाव नहीं लड़ने का यही कारण है।

कांग्रेस ने 30 में से 15 सीटों पर उतारे हैं प्रत्याशी 

धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गठबंधन (एसडीए) का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस ने 30 में से 15 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। पार्टी ने यानम को छोड़कर 14 प्रत्याशी उतारे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और स्वास्थ्य मंत्री रह चुके मलादि कृष्ण राव ने यानम से एआइएनआरसी प्रत्याशी एन. रंगासामी का समर्थन करने की घोषणा की है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री का पद भी छोड़ दिया। निर्दलीय उम्मीदवार कोडापल्ली अशोक ने कांग्रेस से यानम में समर्थन मांगा है और हम उनका समर्थन कर रहे हैं।

6 अप्रैल को होने हैं चुनाव

बता दें कि पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटें हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यहां एक चरण में 6 अप्रैल को मतदान होगा और दो मई को परिणाम आएगा। फिलहाल यहां राष्ट्रपति शासन लागू है। पिछले दिनों कांग्रेस-डीएमके गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी। वी नारायणसामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सोमवार को विश्वास मत से पहले इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के कई विधायकों के इस्तीफा देने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 21 में से 15 सीटें मिली थीं। बहुमत के लिए 16 सीटों की जरूरत है।