नई दिल्‍ली, एएनआइ। चुनाव आयोग की आज की बैठक पर लोगों की नजरें टिकी हुई थी। इस बैठक में आयोग ने मिजोरम की मुख्य सचिव से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पद के लिए नामों का पैनल मांगने का फैसला किया है। आगे का निर्णय उप-चुनाव आयुक्त के राज्य के दौरे से वापस लौटने के बाद मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

इससे पहले भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें यह कहा जा रहा है कि मिजोरम के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी एसबी शशांक को पद से हटा दिया गया है। चुनाव आयुक्‍त ने बताया, 'हम इस मामले में उप-चुनाव आयुक्त सुदीप जैन की रिपोर्ट का आकलन करेंगे, जो इस राज्‍य में गए थे। इस राज्‍य में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।' बताया जा रहा था कि निर्वाचन आयोग की बैठक में सुदीप जैन की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा, जिसमें शशांक को हटाने की सिफारिश की गई है।

हालांकि मिजोरम के एनजीओ कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ मिजोरम ने दावा किया है कि चुनाव आयोग ने उसकी सभी मांगें मान ली हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने अपने विरोध प्रदर्शन को वापस ले लिया है। एनजीओ के मुताबिक, आयोग ने मुख्‍य चुनाव अधिकारी एसबी शशांक को हटाने और त्रिपुरा में रह रहे ब्रू शरणार्थियों को मिजोरम के अंदर ही वोट डालने की उसकी मांग को मान लिया है।

बता दें मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए कुल 211 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन था। सत्ताधारी कांग्रेस, विपक्षी मिजो नैशनल फ्रंट (एमएनएफ) और भारतीय जनता पार्टी ने सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। आरजेड हलांडो द्वारा शुरू की गई द जोरामथार (न्यू मिजोरम) ने कहा है कि उसने 24 उम्मीदवार उतारे हैं। प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान कराया जाएगा।

 

Posted By: Tilak Raj

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