नई दिल्ली (जेएनएन)। उम्मीदवारों के नामांकन रद हुए तो कुछ वकील को साथ लेकर सीधे राज्य चुनाव के कार्यालय भी पहुंच गए। लगे अधिकारियों को तेवर दिखाने, ऐसे किस तरह से आप हमारा पर्चा रद कर सकते हैं? हम कोर्ट में चले जाएंगे। इस पर चुनाव अधिकारियों ने शांति के साथ रूल बुक निकाली और नेताओं सहित उनके वकीलों को भी पढ़वा दी। नियम-कायदे पता चले तो दोनों बैक फुट पर आ गए और नामांकन बचाने का अनुरोध करने लगे।

दरअसल, नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच के क्रम में बुधवार को राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय में भी अजब-गजब नजारे देखने को मिले। जदयू सहित कुछ अन्य दलों और निर्दलीय तौर पर लड़ रहे दर्जन भर नेता अपना नामांकन रद होने पर सीधे निगम भवन पहुंच गए।

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किसी का नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करने के चलते रद हुआ था तो किसी ने अपनी पार्टी का नाम ही नहीं भरा था। निर्दलीय के तौर पर किसी ने 10 की बजाए 9 ही प्रपोजल जमा कराए थे तो किसी ने स्पष्ट निर्देशों के बावजूद फार्म में कॉलम खाली छोड़ रखे थे।

ऐसे में जब इन उम्मीदवारों के पर्चे रद हो गए और रिटर्निग अधिकारी के स्तर पर समाधान नहीं निकला तो वकील को साथ लेकर राज्य चुनाव आयोग ही जा पहुंचे। यहां इनमें ज्यादातर नेताओं ने सचिव गिरिश पांडे से मुलाकात की। कुछेक नेता आयुक्त एस के श्रीवास्तव के पास भी पहुंचे।

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गिरीश पांडे ने इनको चुनाव की रूल बुक भी दिखाई और नामांकन पत्रों पर लिखे दिशा-निर्देश भी पढ़वाए। जब अपनी ही गलती सामने आई तो कई उम्मीदवार गिड़गिड़ाने भी लगे। एक दो प्रत्याशियों की आंखें भी भर आई। लेकिन सचिव महोदय ने दो टूक शब्दों में यही जवाब दिया, जो कुछ भी हुआ है, नियमों के मुताबिक ही हुआ है। आप चाहें तो कोर्ट जा सकते हैं।

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Posted By: JP Yadav

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