नासिक, ओमप्रकाश तिवारी। Maharashtra assembly elections 2019 सर्वोच्च न्यायालय में श्रीरामजन्मभूमि मसले पर सुनवाई जारी रहते राम मंदिर पर टीका-टिप्पणी करने वालों को प्रधानमंत्री ने जमकर फटकार लगाई। ऐसे ‘बयान बहादुरों’ को उन्होंने भारत की न्याय प्रणाली एवं सर्वोच्च न्यायालय के प्रति श्रद्धा रखने की नसीहत दी है।

प्रधानमंत्री गुरुवार को महाराष्ट्र के दौरे पर थे। यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की महाजनादेश यात्रा के समापन के अवसर पर वह एक बड़ी रैली को संबोधित कर रहे थे। इसी कड़ी में नासिक शहर से प्रभु राम के जुड़ाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मैं देख रहा हूं कि पिछले दो-तीन सप्ताह से कुछ ‘बयान बहादुर’ और ‘बड़बोले’ लोग राममंदिर निर्माण को लेकर अनाप-शनाप बयानबाजी शुरू कर चुके हैं, जबकि देश के सभी नागरिकों का भारत के सर्वोच्च न्यायालय के प्रति सम्मान बहुत आवश्यक होता है। जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है। सभी पक्ष अपनी बात रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय लगातार समय निकालकर सभी की बात सुन रहा है। तो मैं हैरान हूं कि ऐसे में ये ‘बयान बहादुर’ कहां से टपक गए!

प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में हमारा भरोसा होना चाहिए। बाबासाहब आंबेडकर के बनाए संविधान में हमारा भरोसा होना चाहिए। हमारा भरोसा भारत की न्याय प्रणाली में होना चाहिए। इसलिए आज नासिक की पवित्र धरती से मैं देशभर में, ये जो बड़बोले लोग हैं, बयान बहादुर हैं, उनको हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि भगवान की खातिर, प्रभु राम की खातिर भारत की न्याय प्रणाली के प्रति श्रद्धा रखें। दो दिन पहले ही शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का राममंदिर को लेकर एक बयान आया था, जिसमें उन्होंने संसद में कानून बनाकर राममंदिर निर्माण करवाने की बात कही थी, और दावा किया था कि मंदिर निर्माण में पहली ईंट शिवसैनिक ही रखेगा।

प्रधानमंत्री ने कश्मीर मामले पर भी देशवासियों को साथ लेने की कोशिश की। उनसे पहले हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के भाषण के दौरान सामने बैठे श्रोता ‘कश्मीर हमारा है’ का नारा लगा रहे थे। प्रधानमंत्री इसी नारे का उल्लेख करते हुए बात आगे बढ़ाई कि अब हर हिंदुस्तानी को नारा लगाना है कि हम हिंदुस्तानियों को कश्मीर बनाना है। उन्होंने कहा कि 40 साल तक 42000 लोगों को जिस धरती पर मौत के घाट उतार दिया गया। उस धरती को 130 करोड़ देशवासी एक बार फिर स्वर्ग बनाकर रहेंगे। इस काम में सारा देश लगेगा। आप सब कश्मीर की भलाई के लिए आगे आएं। मेरी इच्छा है कि आप कश्मीरवासियों के घावों पर मरहम लगाने के लिए आगे आएं। 40 साल में कश्मीरवासियों ने जो यातनाएं झेली हैं। दिल्ली की गलत नीतियों के वे शिकार हुए हैं। अब देश का काम है कि उन्हें उन मुसीबतों से मुक्ति दिलाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले हमने वायदा किया था कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की समस्याओं के समाधान की कोशिश करेंगे। आज मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि देश उन सपनों को साकार करने की दिशा में चल पड़ा है। जम्मू-कश्मीर में भारत के संविधान को समग्रता से लागू करना सिर्फ एक सरकार का फैसला नहीं है। यह 130 करोड़ भारतियों की भावनाओं का प्रकटीकरण है। यह फैसला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को हिंसा, आतंक और भ्रष्टाचार के कुचक्र से बाहर निकालेगा। ये भारत की एकता और अखंडता के लिए हमारी प्रतिबद्धता तो थी ही, अब यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं और सपनों की पूर्ति का माध्यम भी बनने वाला है।

प्रधानमंत्री इसी कड़ी में सरकार के इस महत्त्वपूर्ण फैसले में इसका विरोध कर रहे विपक्ष की खबर लेने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि देश का हर वर्ग, गरीब-अमीर, युवा-बुजुर्ग, शहर-गांव जहां इस फैसले में देश के साथ खड़ा दिख रहा है। लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जिस प्रकार का सहयोग करना चाहिए, वह नहीं दिखाई दे रहा है। विपक्ष के नाते वह हमारी आलोचना करें, देवेंद्र फड़णवीस की आलोचना करें। ये उनका अधिकार है। लेकिन राष्ट्रहित में ऐसी बात करना आतंक परस्तों के लिए अपप्रचार का हथियार बन जाए, विदेशों में उनके बयानों के आधार पर भारत पर हमला हो, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।

विशेषतौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार को आड़े हाथों लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का कन्फ्यूजन समझा जा सकता है, लेकिन शरद पवार भी उन्हीं की भाषा बोलने लगे। उन्होंने पवार को संबोधित करते हुए कहा कि पवार साहब, जब आप जैसा अनुभवी नेता भी वोट के लिए गलतबयानी करने लगे, तो बड़ा दुख होता है। मोदी के अनुसार शरद पवार जी को पड़ोसी देश अच्छा लगता है, ये उनकी मर्जी। वहां के शासक उनको कल्याणकारी लगते हैं, ये भी उनका आकलन है। लेकिन पूरा महाराष्ट्र, पूरा देश, यहां तक कि पूरी दुनिया जानती है कि आतंक की फैक्ट्री कहां पर है और जुल्म व शोषण की तस्वीरें कहां से आती हैं। प्रधानमंत्री ने ऐसे राजनेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति में नेताओं और दलों की जीत-हार होती रहती है। लेकिन देश को जिताना हम सभी का दायित्व होता है।

नासिक में पीएम मोदी ने यह भी कहाः 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को महाराष्ट्र के नासिक में देवेंद्र फडणवीस सरकार की उपलब्धियां गिनाई। साथ ही, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान मोदी ने केंद्र सरकार की भी उपब्धियां गिनाई।

मोदी ने कहा कि आज मैं एक विशेष धन्यता अनुभव कर रहा हूं और मैं इसे अपने जीवन का बहुमूल्य पल मानता हूं। आज छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज छत्रपति उदयन ने मेरे सिर पर एक छत्र रखा है। ये सम्मान भी है और छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति दायित्व का भी प्रतीक है।

महाराष्ट्र की इस धरती ने वीर सावरकर जी जैसे महान सपूत को जन्म दिया है। स्वतंत्रता के लिए हर यातना को मुस्कुरा कर सहने वाले सावरकर ने हमें राष्ट्रवाद के अभूतपूर्व संस्कार दिए हैं। 

राममंदिर का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है, हम सभी को सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। 

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नई संभावनाओं को गले लगा रहा है, लेकिन विपक्ष के साथी इसमें भी राजनीतिक स्वार्थ ढूंढ रहे हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने पांच वर्ष अखंड और अविरत साधना करके महाराष्ट्र की सेवा की और राज्य को नई दिशा दी।अब महाराष्ट्र की जिम्मेवारी है कि फिर एक बार देवेंद्र के नेतृत्व में स्थिर राजनीति का फायदा उठाना चाहिए।

हमने वादा किया था कि देश की सेना को सशक्त बनाने और अपने सैनिकों के सशक्तिकरण के लिए हर कदम उठाएंगे। हाल में दो महाशक्तिशाली हेलिकॉप्टर हमारी सैन्य शक्ति का हिस्सा बन चुके हैं, बहुत जल्द राफेल फाइटर जेट भी हमारी वायुसेना को सशक्त करेगा।

-जम्मू-कश्मीर में भारत के संविधान को समग्रता से लागू करना सिर्फ एक सरकार का फैसला नहीं है, ये 130 करोड़ भारतीयों की भावना का प्रकटीकरण है।

-हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए नए काम करेंगे। आज मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान लागू कर दिया गया है।

-कश्मीर में अब रोजगार के साधन के लिए भी काफी प्रयास करना होगा। वहां के लोगों को रोजगार देने की कोशिश जारी है। आज सारा देश कश्मीर के साथ है, लेकिन कांग्रेस व एनसीपी के नेता सहयोग नहीं कर रहे हैं।

-कांग्रेस सरकार के कारण कश्मीर के लोगों की मुश्किलें बढ़ी थीं। सीमा पार से हिंसा फैलाने की कोशिश हो रही रही थी। मगर अब वहां ऐसा नहीं हो रहा है। 

-अब हमें नया कश्मीर बनाना है। उसे एक बार फिर से स्वर्ग बनाना है। सारा देश कश्मीर के साथ है। सभी को वहां के लोगों की भलाई के लिए आगे आना होगा।  

-जब मैं लोकसभा चुनाव के दौरान आपके पास आया था तो मैंने आपको बताया था कि विकास की गति बढ़ाई जाएगी। यह एक समय-सीमा के भीतर किया जाएगा और मैं उत्तर के साथ समय पर आपके पास आऊंगा। हमने अभी पहले 100 दिन पूरे किए हैं और पहली सदी आपके सामने है।

-अप्रैल में जब लोकसभा चुनाव हुए थे, तब बहुत गर्मी थी। उस समय मैं एक रैली के लिए डिंडोरी में था, आपका आशीर्वाद मांग रहा था। वहां भारी भीड़ थी, इसने ऐसा कंपन पैदा किया कि पूरे देश में भाजपा की लहर और भी शक्तिशाली हो गई। 

- PM Modi ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई।

- प्रधानमंत्री के पहुंचने पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने उनका स्वागत किया।

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Posted By: Babita kashyap

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