नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने के लिए अधिकारियों की तैयारी का आकलन करने के लिए हुई परीक्षा में कई अधिकारी फेल हो गए। जब तक ये अधिकारी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो जाते, तब तक इन्हें चुनाव कार्य में नहीं लगाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रिजल्ट से नाराज हैं और कलेक्टरों को यह जता भी दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही चुनाव आयोग फिर परीक्षा कराएगा।

चुनाव आयोग ने 18 अगस्त को रिटर्निग और सहायक रिटर्निग अधिकारियों के प्रमाणीकरण के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसमें 654 संयुक्त व डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार व नायब तहसीलदार में से 567 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सूत्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में अधिकारी पात्रता परीक्षा में फेल हो गए हैं। इससे पहले भी जब परीक्षा हुई थी, तब भी बड़ी संख्या में अधिकारी अपात्र पाए गए थे। तब यह सवाल उठा था कि अधिकारी चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए जानबूझकर फेल हो रहे हैं पर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि लगातार दूसरी बार लगभग एक जैसा परिणाम आने से यह आशंका सही साबित होती जा रही है कि अफसर खुद ही फेल हो रहे हैं। दरअसल, पात्रता परीक्षा में चुनाव संचालन से जुड़े बेहद सामान्य सवाल पूछे जा रहे हैं। कई ऐसे अधिकारी भी फेल बताए जा रहे हैं जो एक या दो चुनाव करा चुके हैं। यही वजह है कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने कलेक्टरों को नाराजगी भरा संदेश भेजा है। इसमें परिणामों को लेकर निराशा भी जताई गई है। इस मामले में अब निर्वाचन कार्यालय कड़ा रुख अख्तियार कर सकता है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing