इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती का काम जारी है। सभी 230 सीटों के लिए काउंटिंग जारी है और शुरुआती रुझानों के मुताबिक, प्रदेश में कांग्रेस का वनवास खत्म हो सकता है। ताजा समाचार मिलने तक भाजपा ने एमपी में खाता खोल लिया है। रतलाम सिटी से भाजपा प्रत्याशी चेतन काश्यप ने जीत दर्ज की। इस हार के चुनाव के लिए दाखिल हफलनामे के मुताबिक वो प्रदेश के सबसे अमीर प्रत्याशियों की सूची में उनका नाम शामिल था। चेतन काश्यप ने कांग्रेस की प्रेम लता दवे को मात दी है। 

चुनाव आयोग ने जो रुझानों के जो आंकड़े जारी किए हैं। उसके मुताबिक कांग्रेस 109 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं भाजपा 110 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। प्रदेश में सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरुरत होगी। मालूम हो, मध्यप्रदेश में 2003 से भाजपा सत्ता में है। 

भाजपा-कांग्रेस के कई दिग्गजों को जनता ने नकारा

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मतगणना अंतिम दौर में चल रही है। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गजों की स्थिति साफ नहीं हुई थी। कई जगह भाजपा सरकार में मंत्री रहे नेता प्रतिद्वंदी से पीछे चल रहे हैं।

मालवा-निमाड़: (पीछे रहने वाले)

-बुरहानपुर-मंत्री अर्चना चिटनीस
-कसरावद- कांग्रेस के सचिन यादव (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अस्र्ण यादव के छोटे भाई)
-इंदौर विधानसभा क्रमांक-तीन- आकाश विजयवर्गीय (भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र)

मालवा-निमाड़: (आगे रहने वाले)
उज्जैन- भाजपा के मंत्री पारस जैन
महेश्वर - कांग्रेस की विजयलक्ष्मी साधौ

मध्य क्षेत्र (आगे रहने वाले)
बुदनी - मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
भोपाल दक्षिण - भाजपा मंत्री उमाशंकर गुप्ता
होशंगाबाद -विस अध्यक्ष सीतासरन शर्मा
गोविंदपुरा - भाजपा से कृष्णा गौर

महाकोशल (पीछे रहने वाले)
दमोह- भाजपा के जयंत मलैया
जबलपुर मध्य - भाजपा शरद जैन

चंबल-ग्वालियर (पीछे रहने वाले)
मुरैना- मंत्री रूस्तम सिंह
गोहद - मंत्री लालसिंह आर्य
ग्वालियर -मंत्री जयभान सिंह पवैया
दतिया- मंत्री नरोत्तम मिश्रा
चुरहट -नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह

जबलपुर मध्य
बालाघाट- मंत्री गौरीशंकर बिसेन

दोपहर 3 बजे तक के रूझानों के मुताबिक

-महाकोशल इलाका भाजपा का गढ़ बना हुआ था। इसकी 38 सीटों में से 21 सीटों पर फिलहाल कांग्रेस आगे चल रही है। एक पार्टी पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आगे चल रही है। हालांकि भाजपा भी 16 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
- विंध्य में सबसे बड़ा उलटफेर सामने आ रहा है। चुरहट सीट पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह पिछड़ने के बाद उबर नहीं पाए हैं। भाजपा के शरदेंदु तिवारी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है। चुरहट अजय सिंह और उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की सीट है। इलाके में भाजपा करीब 21 सीटों पर आगे चल रही है। आठ सीट पर कांग्रेस और एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी का उम्मीदवार आगे चल रहा है। इस इलाके में भाजपा ने अपनी पैठ बढ़ाई है। पिछली बार उसके 16 विधायक जीते थे।

-चंबल अंचल में तीन जिले हैं। यहां कांग्रेस ने भाजपा के किले में अच्छी सेंध लगाई है। 13 सीटों में से 8 बीजेपी के पास थीं। 2 बसपा के पास और तीन कांग्रेस के पास थी। अभी बसपा तो अपनी स्थिति पर बरकरार है, लेकिन कांग्रेस को अच्छी बढ़त मिली है।

- दतिया में मंत्री नरोत्तम मिश्रा हार की कगार पर हैं, तो ग्वालियर-चंबल संभाग के आठ मंत्रियों में से यशोधरा राजे सिंधिया और नारायण सिंह कुशवाह को छोड़कर अन्य मंत्रियों की स्थिति खराब चल रही है। स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह, लालसिंह आर्य भी काफी पीछे चल रहे हैं।

इंदौर जिले की 9 सीटों पर भाजपा कई सीटों पर आगे चल रही है। इंदौर की राऊ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीतू पटवारी आगे चल रहे हैं। वहीं विधानसभा एक से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला ने बढ़त बना ली है। उनके खिलाफ मौजूदा विधायक सुदर्शन गुप्ता चुनावी मैदान में उतरे हैं।  

इंदौर की विधानसभा तीन से कांग्रेस प्रत्याशी अश्विन जोशी और आकाश विजयवर्गीय के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। हर राउंड के साथ बढ़त का अंतर कम और ज्यादा हो रहा है। इसके अलावा देपालपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विशाल पटेल, महू सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अंतर सिंह दरबार और उषा ठाकुर के भी जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। यहां भी हर राउंड के बढ़त का अंतर कम-ज्यादा हो रहा है। 

उज्जैन जिले की ज्यादातर विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी आगे नजर आ रहे हैं। वहीं भोपाल की उत्तर सीट पर आरिफ अकील ने बढ़त बना रखी है। इस बीच प्रदेश सरकार के कई मंत्री शुरुआती रुझान में पिछड़े नजर आ रहे हैं। देवास से शिक्षा मंत्री दीपक जोशी पीछे चल रहे हैं। महेश्वर से कांग्रेस उम्मीदवार विजय लक्ष्मी साधो आगे चल रही है। इसके अलावा बड़वानी की सेंधवा सीट पर भाजपा सरकार में मंत्री रहे अंतरसिंह आर्य 7 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं। 

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुबह श्यामला हिल्स पर बड़े नेताओं के साथ मंथन किया था। वहीं जीत के लिए उम्मीदवारों ने बाबा महाकाल के दरबार में प्रार्थना की और अपनी जीत के लिए बाबा से आशीर्वाद मांगा था। 

वहीं आज सुबह सभी शहरों में मतगणना स्थल पर अलसुबह से ही पार्टी एजेंट, प्रत्याशी और प्रशासन का अमला पहुंचने लगा था। इंदौर में भी मतगणना के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच नेहरू स्टेडियम में गिनती शुरू हो गई है। नेहरू स्टेडियम के चारों तरफ रेसीडेंसी और जीपीओ से रोड सील कर दिए गए हैं। सिर्फ प्रत्याशी और सरकारी गाड़ियों को ही अनुमति दी जा रही है। महू से कांग्रेस प्रत्याशी अंतर सिंह दरबार सुबह चार बजे ही इंदौर में मतगणना स्थल पहुंच गए थे। 

बाकी विधानसभा क्षेत्रों में भी कमोबेश यही स्थिति है। मतगणना स्थल पर पहुंचने से पहले प्रत्याशियों ने किसी ने मंदिर में मत्था टेका तो किसी ने मां-बाप से आशीर्वाद लिया। विधानसभा क्षेत्र जावद से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी ओमप्रकाश सखलेचा ने अपनी माताजी चेतन सखलेचा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। पत्नी संगीता सखलेचा ने विजय तिलक लगाया। इसके बाद सखलेचा सपरिवार श्री श्री 1008 श्री चन्द्र प्रभा जी जैन मंदिर पहुंचे। यहां पूजा अर्चना कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। जैन मंदिर के साथ ही सखलेचा ने परकोटा बालाजी मंदिर, बटेश्वर महादेव, गणपति मंदिर पर भी पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

कसरावद से कांग्रेस प्रत्याशी सचिन यादव खरगोन के लिए निकले। सर्वप्रथम मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, उसके बाद पिता की फोटो की पूजा कर आरती की। फिर गार्डन में स्थित मंदिर गए उसके बाद गाय के हाथ जोड़कर चारा खिलाया, इसके बाद सावदा स्थित हनुमानजी के मंदिर में हाथ जोड़कर खरगोन के लिए निकले।

मंदसौर में भी सुबह-सुबह कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव गांधी शासकीय महाविद्यालय में बने स्टॉन्ग रूम पहुंचे। यहां भी डाक मतपत्रों की गिनती शुरू हो गई है। 

Posted By: Saurabh Mishra

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