धार, गोपाल माहेश्वरी। धार जिले के गांव कष्टा, जहां 66 साल में न तो कोई उम्मीदवार वोट मांगने पहुंचा और ना ही जीतने के बाद विधायक, लेकिन इस गांव के अशिक्षित आदिवासी मतदाताओं ने नाव से नर्मदा का तीन घंटे का जोखिम भरा सफर तय कर मतदान किया और जिम्मेदारी निभाई। जिले के डही विकासखंड से 15 किमी दूर गांव कष्टा के मतदान केंद्र 187 पर 667 मतदाता हैं, लेकिन इनमें से करीब 260 ऐसे हैं जो नर्मदा के दूसरे छोर पर दूर बसे हैं।

बड़े क्षेत्रफल में बसे इन मतदाताओं को नाव से मतदान केंद्र 187 तक पहुंचाया गया। प्रशासन ने नर्मदा में नाव की व्यवस्था कराई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वोटर पर्ची चार दिन पहले ही घर पर मिल चुकी थी। उल्लेखनीय है कि 18 नवंबर को नईदुनिया ने कष्ठा गांव की हालात को लेकर समाचार प्रकाशित किया था।

 

Posted By: Prashant Pandey

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