इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। विधानसभा चुनाव में सेवा मतदताताओं (शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों) के डाक मत्रपत्र भी उम्मीदवार की हार-जीत का फैसला करेंगे। इंदौर जिले में इस बार 16,344 डाक मतपत्र जारी हुए हैं। इनमें से 15,203 सेवा मतदाताओं ने अपने वोट दिए हैं। इनमें सभी विधानसभाओं के सेवा मतदाता शामिल हैं। वहीं बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के लिए 1498 ई-मतपत्र जारी किए गए थे।

इनमें से भी 108 सैनिकों ने इन्हें भरकर भेज दिए हैं, शेष आना बाकी हैं। सभी डाक व ऑनलाइन मतपत्र 11 दिसंबर की सुबह आठ बजे तक लिए जाएंगे। सेवा मतदाताओं को चुनाव के दो दिन पहले तक डाक मतपत्र जारी कर दिए गए थे। ये मतपत्र होलकर साइंस और आर्ट एंड कॉमर्स महाविद्यालय में जारी किए गए थे। इस दौरान इनके लिए विधानसभावार पेटी भी रखी गई थीं। जितने सेवा मतदाताओं को मतपत्र जारी हुए थे, उनमें से 90 फीसदी से अधिक ने अपने मत का उपयोग मौके पर ही कर लिया था।

सैनिकों के अलावा विदेश सेवा वालों को भी ई-मतपत्र जारी हुए हैं। जिलेभर से इनकी संख्या 18 है। आयोग द्वारा जारी ई-मतपत्रों में से 108 डाक द्वारा प्राप्त हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह तय कर पाना मुश्किल है कि इनमें से सैनकों के कितने हैं और विदेश सेवा वालों के कितने। यह मतगणना के दिन ही तय हो सकेगा। अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े के मुताबिक ई-मतपत्रों के अभी और आने की संभावना है।

सबसे पहले होगी डाक मतपत्रों की गिनती

विस चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। पहले डाक मतों की गिनती की जाएगी। इनमें वैध डाक मत ही शामिल किए जाएंगे। डाक मतपत्रों की गणना के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रवार अलग से 3 टेबल लगाई जाएंगी। एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में जारी किए गए मतपत्रों की वैधता के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा।

सभी इलेक्ट्रॉनिक बैलेट पेपर पर आयोग द्वारा क्यूआर कोड अंकित किया गया है। डाक मतपत्रों की गणना शुरू करने के 30 मिनट बाद ईवीएम की मतगणना शुरू होगी। 30 मिनट में डाक मतपत्रों की गणना पूरी नहीं होती है तो ईवीएम की मतगणना के बाद बचे मतपत्रों की गिनती होगी। हर चरण की गणना का परिणाम अभिकर्ता को दिया जाएगा व गणना-पत्रक रिटर्निंग अधिकारी की टेबल पर नियुक्त गणना अभिकर्ताओं को दिया जाएगा

बाहर से एलईडी हटाकर, दूसरी तरफ लगाई

नेहरू स्टेडियम के मुख्य गेट पर जाली पर लगी एलईडी को हटाकर अंदर लगा दिया है, जहां कांग्रेसी पहरा दे रहे हैं। यह एलईडी सीसीटीवी कैमरों की हलचल पर नजर रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने लगाई थी। उप निर्वाचन अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेसियों का कहना था कि वे गेट पर बैठकर पहरा देंगे, इससे इसे मुख्य गेट पर लगाया गया। बाद में इन कार्यकर्ताओं ने अंदर मैदान की तरफ बैठने का फैसला लिया, जिससे इसे हटाकर अंदर शिफ्ट कर दिया है। बड़ी एलईडी के अलावा कंट्रोल रूम में छोटी एलईडी व दो लेपटॉप से भी सीसीटीवी कैमरों पर नजर रखी जा रही है।

मतगणना के लिए 600 कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण, 153 दल बनेंगे

इंदौर जिले में 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना के लिए 600 कर्मचारी लगेंगे। इनके 153 दल बनाए जाएंगे। प्रत्येक दल में तीन-तीन कर्मचारी रहेंगे। लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारी रिजर्व रखे जाएंगे। सभी कर्मचारियों को बुधवार को विश्वविद्यालय के सभागृह में पहले चरण का प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे चरण का प्रशिक्षण 7 दिसंबर को सुबह 11 बजे से होलकर साइंस कॉलेज में होगा।

प्रथम चरण में मास्टर ट्रेनर आरके पांडे ने मतगणना कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रेक्षक व विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर व सहायक रिटर्निंग ऑफिसर भी मौजूद थे। मतगणना कर्मियों को निर्देश दिए गए कि लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि मतगणना कर्मचारियों का रेंडमली चयन किया जाएगा। इससे किसी कर्मचारी को आखिरी समय तक मालूम नहीं हो सकेगा कि उसकी ड्यूटी किस टेबल पर लगेगी।  

Posted By: Prashant Pandey