मंदसौर। तीखे और सपाट बयानों के लिए प्रसिद्ध भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य रघुनंदन शर्मा फिर चर्चा में हैं। रविवार को मंदसौर मेें पारिवारिक कार्यक्रम में आए शर्मा ने कहा कि जब जीत का श्रेय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को जाता है तो निश्चित ही हार का दोष भी उन्हें ही होगा।

उन्होंने स्वीकार भी किया कि मुख्यमंत्री के 'माई का लाल वाले बयान से भाजपा को 10-15 सीटों का घाटा तो हुआ है। और 200 पार वाली बात तो दूर है, पिछली बार जितना बहुमत भी मिल जाए तो संतोष की बात होती। हालांकि उन्होंने भाजपा को बहुमत मिलने का दावा भी किया।

शर्मा ने मीडिया से कहा कि निश्चित रूप से हमसे त्रुटियां हुई होंगी, इसलिए अभी बताए जा रहे एग्जिट पोल भले ही परिणाम आने पर गलत सिद्ध हों पर ये आशा के अनुरूप भी नहीं हैं, फिर भी भाजपा बहुमत में आ ही जाएगी। सीएम के 'माई का लाल वाले बयान के बाद कई लोगों से बातचीत हुई।

इनमें संतों, धर्माचार्यों व विद्वानों में आक्रोश था कि मुख्यमंत्री ने भावावेश में ही सही पर गलत बात बोल दी थी। 'माई का लाल एक दंभयुक्त शब्द है। बड़े जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस प्रकार भावावेश में आकर दंभोक्ति वाले शब्दों को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। इससे हमारा कुछ नुकसान तो हुआ है और अगर इस प्रकार के शब्दों का उपयोग नहीं होता तो 10-15 सीटों की वृद्धि होती और आज जो भी अनिश्चितता की स्थिति बनी है वह होती ही नहीं।

वे बोले - मुख्यमंत्री भावुक हैं और भावावेश में आकर कह गए पर उनका मंतव्य स्पष्ट था कि सभी समाज को साथ लेकर चलने की स्थिति में भावना में आ गए थे। लोगों ने उन्हें उस समय भी टोका था, इसीलिए में भी यही कहता हूं कि यदि जीत का श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है क्योंकि उन्होंने बहुत परिश्रम किया है और उसकी दाद देते हैं और यदि हार जाते हैं तो दोष भी उनके खाते में ही जाएगा। सामूहिक नेतृत्व वाली बात रहती तो दोष सबका रहता। उल्लेखनीय है कि भोपाल में हुए अजाक्स के सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा था कि प्रदेश में कोई माई का लाल आरक्षण को नहीं हटा सकता है, तभी से आरक्षण विरोधियों ने बवाल मचा रखा है। 

जीतेगा भारत हारेगा कोरोन

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