भोपाल। तीन राज्यों में अपनी सरकारों के गठन के मौके को कांग्रेस विपक्षी एकता के रूप में भी भुनाने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि राजस्थान में विपक्ष के कई बडे़ नेता साथ नजर आए। अब मध्यप्रदेश में भी कई बड़े नेता मंच पर मौजूद हैं। हालांकि इन नेताओं की मौजूदगी से ज्यादा चर्चा ममता-माया-अखिलेश की गैरमौजूदगी की है।

तीनों राज्यों में होने वाले कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती और अखिलेश यादव ने शिरकत नहीं की है। ममता बनर्जी स्वयं नहीं आई हैं, लेकिन उन्होंने दिनेश त्रिवेदी के रूप में अपना प्रतिनिधि जरूर भेजा है। राजनीतिक गलियारों में ममता-माया-अखिलेश की गैरमौजूदगी को अगले लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

बसपा-सपा के समर्थन से बनी है कमलनाथ सरकार

खास बात यह भी है कि मध्यप्रदेश में बसपा और सपा के समर्थन से कांग्रेस की सरकार बनी है। 230 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 116 विधायकों की दरकार होती है। कांग्रेस को 114 सीट मिली हैं। इसके बाद बसपा ने अपने दो विधायकों के साथ कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद अखिलेश यादव ने भी अपने एक विधायक का समर्थन देने का ऐलान कर दिया था।

बहरहाल, राजस्थान में शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला, एचडी देवेगौड़ा, शरद यादव के अलावा तृणमूल के दिनेश त्रिवेदी, झारखंड से हेमंत सोरेन, डीएमके से एमके स्टालिन, कनिमोझी, प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता एक साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे और वहां से राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के साथ एक ही बस में सवार होकर शपथ ग्रहण स्थल तक पहुंचे थे। 

यही क्रम मध्यप्रदेश में भी नजर आएगा। शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला, शरद यादव, एमके स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू को मंच पर जगह दी गई है।  

(शिवराज सिंह चौहान से मिलते शरद यादव)

Posted By: Arvind Dubey

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