ग्वालियर। विधानसभा चुनाव-2018 में दो पोलिंग बूथों पर मॉक पोल को डाले गए वोटों में जोड़ने का मामला सामने आया है। यह दोनों पोलिंग बूथ 14-ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहां पीठासीन अधिकारियों ने मॉक पोल ही डाले गए मतों में जोड़ दिए। हर पोलिंग बूथ पर मतदान से पहले 50-50 मॉक पोल कराए जाने थे, जिसके बाद ईवीएम को सीएलआर यानि क्लियर करना था।

यही सीएलआर का बटन दबाना दोनों बूथों के पीठासीन भूल गए। ऑब्जर्वर के सामने हुई स्क्रूटनी में यह मामला सामने आया, जिसमें कंट्रोल यूनिट में बैलेट यूनिट से ज्यादा वोट सामने आए तो स्थिति स्पष्ट हुई। इन दोनों बूथों पर मॉक पोल के वोट जुड़ जाने पर अब निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट दी जाएगी। आयोग के आदेश पर आगे की कार्रवाई होगी।

विधानसभा निर्वाचन-2018 के तहत 28 नवंबर को शांतिपूर्ण ढंग से हुए मतदान के बाद विधानसभा वार ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में स्क्रूटनी की गई। इसमें एक-एक पोलिंग बूथ के मतदान की संविक्षा की जाती है। वोटिंग प्रतिशत कम से लेकर ज्यादा सभी की बिंदुवार संविक्षा की गई। इसमें सामने आया कि ग्रामीण विधानसभा में 53 प्रतिशत से नीचे वाले बूथों की संख्या 11 रही। 16 बूथों पर 83 प्रतिशत से ज्यादा पोलिंग हुई। इसी तरह दूसरी विधानसभाओं की संवीक्षा भी की गई।

जिले में किसी बूथ पर री-पोल की जरूरत नहीं

जिले में किसी भी पोलिंग बूथ पर री-पोलिंग की जरूरत नहीं है। सभी विधानसभा क्षेत्रों के समस्त मतदान केन्द्रों में अपनाई गई मतदान प्रक्रिया की गुरुवार को एमएलबी कॉलेज में संवीक्षा हुई। यह प्रक्रिया क्षेत्रवार संबंधित प्रेक्षकगण व प्रत्याशियों के प्रतिनिधिगण की मौजूदगी में रिटर्निंग अधिकारियों ने संपन्न कराई।

संवीक्षा में खासतौर पर प्रारूप 17 'क', मतपत्र लेखा, पीठासीन अधिकारी की डायरी व अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने भी संवीक्षा की प्रक्रिया का जायजा लिया। संवीक्षा में पाया गया है कि जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के तहत मतदान संपादित हुआ है, इसलिए जिले में किसी भी मतदान केन्द्र में पुनर्मतदान (री-पोल) की आवश्यकता नहीं है।

3 विधानसभाः 14, 16 और 17 पर लंबी चर्चा

एमएलबी में तीन विधानसभाओं की संवीक्षा में सबसे ज्यादा लंबी चर्चा ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा, ग्वालियर पूर्व विधानसभा और ग्वालियर दक्षिण पर हुई। पूर्व सबसे बड़ी होने के कारण और ऐसे पोलिंग बूथ जहां परिणाम औसत रहे या औसत से ज्यादा अप-डाउन हुए, उनपर चर्चा की गई। शेष विधानसभाओं पर सामान्य चर्चा की गई।

खराब मशीनों का ब्यौरा सॉफ्टवेयर में लोड

मतदान के दिन खराब हुईं ईवीएम और वीवीपैट मशीन की जानकारी सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दी गई है। आयोग की ओर से दिए गए सॉफ्टवेयर एटीएस में यह जानकारी फीडिंग का काम पूरा कर दिया गया है। इन मशीनों को भी आयोग चेक कराएगा कि यह किस खराबी के कारण हुआ।

Posted By: Saurabh Mishra

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