जबलपुर, प्रवीण कुमार सिंह। जबलपुर में मंत्रियों की हार को लेकर एक मिथक जुड़ गया है। मंत्री बनने के बाद अगले ही चुनाव में वह विधायक नहीं बन पाता। इस बार भी यह रिकॉर्ड बरकरार है। मंत्री शरद जैन का नाम भी इस खाते में जुड़ गया।

जबलपुर उत्तर-मध्य से चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरद जैन कांग्रेस के विनय सक्सेना से कड़े संघर्ष में हार गए हैं। वह मात्र 578 वोट से हार गए। 1980 से यह सिलसिला शुरू हुआ था, जो अभी जारी है। जयश्री बैनर्जी से लेकर अजय विश्नोई का नाम इस सूची में है।

यह मंत्री हार थे चुनाव

अजय विश्नोई

2008 में अजय विश्नोई पाटन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे। वह शिवराज कैबिनेट में पशुपालन मंत्री थे। उस समय वह काफी पॉवरफुल मंत्री थे, लेकिन 2013 में पाटन विधानसभा से कांग्रेस के नीलेश अवस्थी ने उन्हें चुनाव हरा दिया।

अंचल सोनकर

2003 में अंचल सोनकर पूर्व से चुनाव जीतने के बाद शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री रहे। लेकिन वह भी इस मिथक को तोड़ नहीं सके और अगले ही विधानसभा चुनाव 2008 में कांग्रेस के लखन घनघोरिया से चुनाव हार गए।

हरेंद्रजीत सिंह बब्बू

बब्बू भी 2008 में जबलपुर पश्चिम से चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने थे। वह अगले विधानसभा चुनाव में इसी सीट से कांग्रेस के तरुण भनोत से चुनाव हार गए।

प्रियदर्शन धर्माधिकारी

पाटन से चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस सरकार में प्रिदर्शन धर्माधिकारी नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री रहे। उन्हें अगला चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। उनकी जगह कल्याणी पांडे को पाटन से टिकट मिला।

जयश्री बैनर्जी

1977 में जबलपुर सेंट्रल से जीतने के बाद कैबिनेट मंत्री बनीं, लेकिन वह 1980 में कांग्रेस के हाजी इनायत मोहम्मद से चुनाव हार गईं। 

Posted By: Hemant Upadhyay

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