ग्वालियर। ईवीएम हैक कर चुनाव जिताने का दावा करने वाले शातिर ठग ने कांग्रेस के कई नेताओं को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से टिकट दिलाने या सर्वे में टॉप थ्री में नाम पहुंचाने के नाम पर भी ठगा है। गुरुवार को पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि साहब सिंह, भीकम सिंह व काशीराम देहलवार से रुपए ऐंठे थे।

इतना ही नहीं उसने उज्जैन में नौकरी व स्कूल में दाखिला दिलाने के नाम पर भी 2 व जालौन में 18 लाख की ठगी सहित कई वारदातें की हैं। गुरुवार दोपहर कांग्रेस नेता पड़ाव थाने पहुंचे और आरोपी से ठगे जाने की बात स्वीकारी है। फिलहाल पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया है।

बुधवार को भिंड विधानसभा-10 के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रमेश दुबे की सूचना पर पड़ाव थाना पुलिस ने स्टेशन बजरिया में रेस्टोरेंट से शातिर ठग को गिरफ्तार किया था। पकड़ा गया ठग नीरज सिंह राठौर पुत्र शिवराज सिंह निवासी जालौन यूपी हाल निवासी सिकंदर कम्पू सैनिक कॉलोनी खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभय जोशी बताते हुए कांग्रेस प्रत्याशी से मिला था। वह उनको ईवीएम हैक कर चुनाव जिताने की डील करने आया था। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है। इसके बाद उसने खुलासे किए हैं।

राहुल गांधी का सर्वेयर बन नेताओं को ठगा

गुरुवार को पुलिस ठग से पूछताछ कर पाती उससे पहले ही कांग्रेस नेता काशीराम देहलवार थाने पहंुच गए। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनसे भी 10 हजार रुपए ठगे हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लिखित में शिकायत की है कि नीरज ने खुद को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का सर्वेयर बताकर टिकट के दावेदार की सूची में उनका नाम चलाने का दावा किया था।

इसके बाद कांग्रेस नेता भीकम सिंह ने भी पुलिस से संपर्क कर खुद से 15 हजार रुपए हड़पने की बात बताई। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने इन दो के अलावा पूर्व कांग्रेस नेता साहब सिंह से भी 15 हजार रुपए इसी तरह लेना कबूल किया है। पुलिस का फिलहाल साहब सिंह से संपर्क नहीं हो सका है।

20 से अधिक नेताओं को ठगा

पुलिस को पता लगा है कि 12वीं फेल नीरज सिंह राठौर ने ग्वालियर-चंबल अंचल के मुरैना, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी व दतिया सहित कई शहरों के भ्रमण किए हैं। उसने करीब 20 से अधिक नेताआंे को टिकट की होड़ में लाने का झांसा देकर ठगी की है। पर बदनामी के डर से कोई सामने नहीं आ रहा है। कईयों के तो उसे नाम भी याद नहीं हैं।

पिता हवलदार था तो पुलिस भर्ती के नाम भी ठगा

पूछताछ में पता लगा कि नीरज का पिता शिवराज सिंह पुलिस में हवलदार था। पिता के पुलिस में होने का भी उसने फायदा उठाया और इस प्रकार की ठगी।

-कुछ वर्ष पहले उसने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित माधवनगर में एक युवक से पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर 4 लाख रुपए ठगे थे।

- उज्जैन के नीलगंगा इलाके में एक परिवार को उनके बेटे का सेन्ट्रल स्कूल में एडमिशन कराने के नाम पर 45 हजार रुपए ठगे।

- पुलिस में भर्ती के नाम पर 18 लाख रुपए की एक धोखाधड़ी में भी इसका नाम सामने आया था। इसके बाद उसके पिता ने बीआरएस ले लिया था।

कई नेताओं को ठगने की बात कबूल की है

आरोपी ने टिकट सर्वे में नाम चलाने के नाम पर काशीराम, साहब सिंह व भीकम सिंह से रुपए ठगना कबूल किया है। फिलहाल उसके बयानों की सच्चाई का पता लगाया जा रहा है।

संजू कामले, टीआई, पड़ाव थाना

Posted By: Hemant Upadhyay

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