हापुड़[गौरव भारद्वाज]। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए महिलाओं को घरों से निकलकर मतदान बूथों तक पहुंचाने की मुहिम रंग लाई। देश की नई सरकार चुनने में जनपद की महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ दिया। नगरीय क्षेत्र हो अथवा ग्रामीण दोनों ही स्थानों पर अधिकतर बूथों पर महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा अधिक रहा। कई बूथ ऐसे रहे जहां महिलाओं ने रिकॉर्ड मतदान किया।

देश में महिलाएं अब लगभग सभी क्षेत्रों में पुरुषों को चुनौती दे रही हैं। अंतरिक्ष में जाने की बात हो या हवाई जहाज उड़ाने की, शिक्षा के क्षेत्र में हो या मतदान के क्षेत्र में महिलाएं अपनी मेहनत और जागरूकता का प्रदर्शन कर रही हैं। इसका एक और उदाहरण 11 अप्रैल को हापुड़ और धौलाना विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के लिए किए गए मतदान में देखने को मिला।

हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला शिवगढ़ी स्थित बूथ नंबर 245 पर महिलाओं ने रिकॉर्ड 97.11 प्रतिशत मतदान किया। जबकि राम निवास स्मारक कन्या स्कूल में बनाए गए बूथ नंबर 172 पर पुरुषों ने सर्वाधिक मतदान किया। यहां उनका मतदान 96.12 प्रतिशत रहा। इसी विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं का सबसे कम मतदान गांव जरौठी के बूथ नंबर 14 पर 33.07 प्रतिशत रहा और पुरुषों का सबसे कम मतदान आर्य कन्या इंटर कॉलेज के बूथ नंबर 137 पर 46.01 प्रतिशत रहा।

धौलाना विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय ककराना में बूथ नंबर 253 पर महिलाओं ने 90.79 प्रतिशत सर्वाधिक मतदान किया। पुरुषों ने सर्वाधिक मतदान प्राथमिक विद्यालय हावल के बूथ नंबर 161 पर 89.56 प्रतिशत किया। इसी विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं का सबसे कम मतदान गांव गालंद के नेहरू जय जवान जय किसान जूनियर हाईस्कूल स्थित बूथ नंबर 276 पर 21.23 प्रतिशत हुआ। इसी बूथ पर पुरुषों का भी सबसे कम मतदान 28.12 प्रतिशत रहा।

इन बूथों पर पुरुषों से काफी आगे रहीं महिलाएं

दोनों विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 35 प्रतिशत बूथ ऐसे रहे जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से काफी अधिक रहा। इनमें हापुड़ विधानसभा के विकास खंड कार्यालय स्थल पर बूथ नंबर 58 पर पुरुषों का मतदान प्रतिशत 49.83 और महिलाओं का 87.96 प्रतिशत रहा। धौलाना विधानसभा क्षेत्र के आजाद मेमोरियल इंटर कॉलेज डासना के बूथ नंबर 401 पर पुरुषों का मतदान प्रतिशत केवल 50 प्रतिशत और महिलाओं का 90.36 प्रतिशत रहा।

क्या बोले राजनीति के जानकार ?

राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर दिलशाद अहमद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महिलाओं ने अधिक संख्या में मतदान किया है। पिछले कुछ सालों में राजनीति और सामाजिक स्तर पर महिलाओं के हितों को प्रमुखता दी गई है। सरकारी योजना हो या फिर राजनीतिक आरक्षण सभी में महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। इसी कारण इस बार महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले अधिक मताधिकार का प्रयोग किया है।

महिलाओं का मत प्रतिशत बढ़ाने को किए थे नए प्रयास

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने इस बार महिलाओं का मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई नए प्रयास किए। बूथ पाठशाला आयोजित कर महिलाओं को जागरूक किया गया। आदर्श बूथ के साथ सखी बूथ भी बनाए गए। महिलाओं के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए। उनकी यह मुहिम रंग लाई।

Posted By: Mangal Yadav

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