देहरादून,  राज्य ब्यूरो। सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह औकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मतदान नहीं कर सके। दोनों दिग्गज कांग्रेसी नेता इस चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी भी हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशियों में रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी शाह और अजय भट्ट ने मतदान तो किया, लेकिन अपने मत का खुद के लिए इस्तेमाल नहीं कर सके। 

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नैनीताल संसदीय सीट से पार्टी के प्रत्याशी हैं। हरीश रावत देहरादून जिले में मतदाता हैं। नैनीताल सीट पर चुनावी व्यस्तता के चलते वह मतदान के लिए देहरादून नहीं आ सके। इस वजह से उन्हें मतदान से वंचित रहना पड़ा। 

इसी तरह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी गुरुवार को मतदान से वंचित रह गए। टिहरी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह चकराता-त्यूणी क्षेत्र के बिरनाड से मतदाता हैं। उनका मतदान के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे बिरनाड के लिए प्रस्थान करने का कार्यक्रम था, लेकिन वह चाहते हुए भी वहां पहुंच नहीं सके। 

दरअसल, टिहरी संसदीय सीट के अंतर्गत देहरादून जिले के विधानसभा क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे प्रीतम सिंह को पहले धामावाला स्थित मतदान केंद्र में पार्टी के एजेंट से मतदाता सूची छीने जाने की जानकारी मिली। बकौल प्रीतम सिंह उन्होंने मतदान केंद्र पहुंचकर निर्वाचन ड्यूटी में लगे अधिकारियों से वार्ता की। 

मामला शांत होने के बाद वह वहां से अन्य मतदान केंद्रों के लिए निकले। इसी दौरान उन्हें कैंट क्षेत्र में एक बूथ पर ईवीएम की खराबी की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि चुनावी व्यस्तता के चलते वह बिरनाड नहीं जा सके। 

उधर, हरिद्वार सीट से भाजपा प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मतदान तो किया, लेकिन इसका लाभ उन्हें खुद नहीं मिल पाया। दरअसल, निशंक देहरादून जिले में हाथीबड़कला-विजय कालोनी से मतदाता हैं। उन्होंने सुबह मतदान किया। 

इसीतरह टिहरी सीट से भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने नरेंद्रनगर में मताधिकार का प्रयोग किया, लेकिन नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र पौड़ी गढ़वाल संसदीय सीट का हिस्सा है। कमोबेश यही स्थिति नैनीताल सीट से भाजपा प्रत्याशी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की भी रही। अजय भट्ट रानीखेत से मतदाता हैं। उन्होंने मत का प्रयोग भी किया, लेकिन इसका लाभ उन्हें खुद के लिए नहीं मिल सकेगा। 

न शिष्य और न ही पुत्र को मिला खंडूड़ी का वोट 

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी पौड़ी गढ़वाल सीट से सांसद हैं। इस सीट पर भाजपा की धुर विरोधी कांग्रेस की ओर से उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी प्रत्याशी हैं। वहीं भाजपा ने उनके राजनीतिक शिष्य माने जाने वाले तीरथ सिंह रावत को प्रत्याशी बनाया है। इस चुनाव में खंडूड़ी ने उक्त दोनों प्रत्याशियों में किसी का भी खुलकर समर्थन नहीं किया है। वह मताधिकार का इस्तेमाल करने पौड़ी भी नहीं पहुंचे। लिहाजा मत के रूप में उनका आशीर्वाद न उनके पुत्र को और न ही शिष्य को मिल पाया।

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