लखनऊ, जेएनएन।  मैनपुरी की चुनावी सभा में एक मंच पर मुलायम सिंह यादव और मायावती की मौजूदगी पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि यह ऊपरी दिखावा है। उन्होंने 1995 में लखनऊ में हुए राज्य अतिथि कांड की याद ताजा की। मजबूरी में मायावती ने 1995 की घटना पर मुलायम सिंह को माफ कर दिया है, लेकिन हकीकत में दलित महिलाएं कभी भी मुलायम सिंह के उस कृत्य को भूल नहीं पाएंगी और मुलायम को माफ नहीं करेंगी। उमा भारती ने कहा कि चुनाव बाद गठबंधन का बंधन टूट जाएगा। 

केंद्रीय गृहमंत्री व लखनऊ संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार राजनाथ सिंह के समर्थन में नाका ह‍िंंडोला और बुद्धेश्वर मंदिर चौराहे पर आयोजित सभा में उमा भारती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। कहा कि तीस साल की राजनीति में पहली बार वह ऐसा चुनाव देख रहीं हैं, जिसमें विचारधारा के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा जा रहा है, बल्कि एक व्यक्ति को हराने के लिए सभी दल किसी न किसी तरह से एक है। यह व्यक्ति हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। मोदी ने ही अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में ह‍िंंदुत्व होने का गौरव देशवासियों को दिया है।

यह बात विपक्षी दलों को अच्छी नहीं लग रही है। आतंकी हमले का बदला पाकिस्तान में घुसकर लिया गया तो विपक्षी दल को अच्छा नहीं लगा। ममता बनर्जी भी परेशान हैं तो बबुआ (राहुल गांधी) और उनकी मम्मी भी प्रधानमंत्री की अच्छी नीतियों से परेशान हैं। मध्यप्रदेश की एक सभा का जिक्र करते हुए उमा ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सभा में पूछा कि 15-15 लाख किस-किस के खाते में आए या नहीं? तो एक युवक ने हाथ उठाया और मंच पर आकर बोला कि मोदी की सर्जिकल स्टाइक से मजा आ गया?  

सोनिया मिस्टर इंडिया तो अखिलेश नबाव 
उमा भारती ने सोनिया गांधी को मिस्टर इंडिया का नायक जैसा बताया और कहा कि जैसे फिल्म का हीरो अदृश्य रहता है और मतलब पर ही दिखता है, वैसे ही सोनिया गांधी का भी हाल है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को नवाब बताते हुए उमा भारती ने कहा कि उनके बेटे शहजादे हैं। अखिलेश सरकार में हर कोई गुंडों बदमाशों से परेशान था। सपा कार्यकर्ताओं के इशारे पर थाना पुलिस चलती थी। आज योगी सरकार में ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को चाहिए कि चुनाव बाद विपक्षी दलों के नेताओं को घर में बैठने की सलाह दें, अब देश इनके हाथों में सुरक्षित नहीं हैं। 

मेरे पिता का नाम नहीं मालूम होगा 
उमा भारती ने कहा कि आज मेरे पिता का नाम कोई नहीं जानता होगा। उनके सिर पर किसी का हाथ भी नहीं है, लेकिन जनता की सेवा करके वह आज यहां तक पहुंची हूं। 

लखनऊ से है पुराना नाता 
आठ साल की उम्र में वह चौक की खुनखुन जी कोठी में प्रवचन करने आती थीं। इसलिए उनका लखनऊ से पुराना नाता है और यह भी बता दूं कि वह लखनऊ की ही मतदाता हैं। 

Posted By: Anurag Gupta