कोलकाता, जयकृष्ण वाजपेयी। प. बंगाल के उत्तरी हिस्से के दो संसदीय क्षेत्रों कूचबिहार और अलीपुरद्वार में मुकाबला दिलचस्प होगा। तृणमूल कांग्रेस 2009 और 2014 के प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी जबकि भाजपा उसे पटखनी देनेे को तैयार है।

बंगाल की कूचबिहार (एससी) और अलीपुरद्वार (एसटी) लोकसभा सीटों पर पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। लेकिन बांग्लादेश की सीमा से सटे व चायबागान के लिए मशहूर इन दोनों सीटों से चलने वाली वोट रूपी हवा किस ओर बहेगी, यह तो बाद में पता चलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक रैली इन इलाकों में की है। वहीं तीन अप्रैल से ही तृणमूल प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर बंगाल में डेरा जमाए हुए हैं। भाजपा तृणमूल से दोनों सीटें छीनने की कोशिश में है। इसका फायदा वाममोर्चा भी उठाने के चक्कर में है।

हालांकि, कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी दोनों सीटों पर उतारे हैं, लेकिन कोई बड़ा कांग्रेसी नेता प्रचार के लिए दिल्ली से नहीं पहुंचा।

कूचबिहार सीट : तृणमूल ने 2014 में जीते पार्थ प्रतिम राय को टिकट न देकर कुछ माह पहले फारवर्ड ब्लाक छोड़कर शामिल हुए परेश चंद्र अधिकारी को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने तृणमूल से छोड़कर आए निशिथ प्रमाणिक को प्रत्याशी बनाया है। 

अलीपुरद्वार सीट : भाजपा ने स्थानीय विधायक व चायबागान श्रमिकों में अच्छी पकड़ रखने वाले जान बारला और तृणमूल ने 2014 में जीते अपने सांसद दशरथ तिर्के पर दांव लगाया है। 

Posted By: Preeti jha