रांची, [विनोद श्रीवास्तव]। Lok Sabha Election 2019 - पंडरा स्थित कृषि बाजार प्रांगण का बड़ा हिस्सा गुलजार है। शहर के थोक व्यापार का मुख्य केंद्र होने के नाते गाडिय़ों की आवाजाही सुबह से ही तेज है। छोटे-बड़े व्यापारियों और मोटिया मजदूरों की भागदौड़ भी यहां कम नहीं दिख रही है। सभी की कोशिश सूरज के सिर पर आने से पहले ही काम निपटा लेने की है।

इससे इतर प्रांगण के एक हिस्से में सन्नाटा पसरा है। 22 मई की रात यह क्षेत्र अचानक गुलजार हो जाएगा। 23 मई की सुबह से देर शाम तक यहां तिल रखने की भी जगह नहीं होगी। लोकतंत्र के रखवालों का यहां मेला लगेगा। लोकतंत्र के महापर्व में पिछले दिनों रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने जो अपने मतों का प्रयोग किया है, वह यहां सैकड़ों ईवीएम में कैद है।

जीत का सेहरा किसके माथे बंधेगा, यह 23 को ही तय होगा। सवाल लाखों मतों को सुरक्षित रखने का है, लिहाजा जिला प्रशासन ने सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध कर रखा है। सीआरपीएफ, जैप वन और जिला पुलिस बल यहां चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। स्ट्रांग रूम (जहां ईवीएम रखे गए हैं) तक पहुंचना हो तो आपको पांच बैरियर पार करने होंगे। हर बैरियर पर पुलिस चौकन्नी।

निर्वाचन आयोग के प्राधिकार पत्र के बिना आप पहला बैरियर भी पार नहीं कर सकते। एक बज रहे हैं, बैरियर से लेकर स्ट्रांग रूम तक जाने वाली सड़क पर सन्नाटा पसरा है। सिर्फ सशस्त्र बल की टुकडिय़ां नजर आ रही हैं। थोड़ी ही देर में कुछ और मीडियाकर्मी पहुंचते हैं। प्राधिकार पत्र दिखाते हैं, नाम, पता की इंट्री होती है, फिर वे आगे बढ़ते हैं। अंतिम बैरियर की कमान महिला बटालियन ने संभाल रखी है।

इस बैरियर को पार करने की इजाजत नहीं है। महिला पुलिसकर्मी एक-एक मीडियाकर्मी की तस्वीर कैमरे में उतारती है। कहती है, ऐसा सुरक्षात्मक कारणों से किया जा रहा है, ऊपर से आदेश है। बैरियर से तकरीबन 50 मीटर की दूरी पर बायीं ओर सात मतगणना स्थल है। छह अलग-अलग विधानसभाओं का और एक पोस्टल वोट की गणना के लिए अलग से मतगणना हॉल।

यहां से लगभग 100 मीटर की दूरी पर ठीक सामने और दायीं ओर स्ट्रांग रूम बने हैं, जहां विधानसभावार ईवीएम रखे गए हैं। रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए तीन स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। शेष विधानसभाओं के भी ईवीएम दो से तीन कमरों में सीलबंद है। चुनाव मैदान में खड़े प्रत्याशियों की किस्मत इन्हीं मशीनों में कैद है। मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम के बीच खाली पड़ी जगहों में टेंट लगाए जा रहे हैं।

इनमें से एक कंट्रोल रूम होगा तो अन्य में मीडियाकर्मी, चिकित्सकों की टीम, विश्राम स्थल, भोजन कक्ष आदि होगा। वीवीआइपी की गाडिय़ां स्ट्रांग रूम की दूसरी तरफ बनहोरा ग्राउंड में पार्क होगी, आम लोगों को लगभग एक किलोमीटर दूर सर्ड ग्राउंड में अपनी गाडिय़ां लगानी होगी। 1.50 हुए हैं, कंपोजिट कंट्रोल रूम के डीएसपी विकास आनंद लागुरी पहुंचते हैं। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो जाते हैं।

दोपहर तक की गतिविधियों की रिपोर्ट और कुछ निर्देश देकर डीएसपी सात-आठ मिनट के अंदर निकल जाते हैं। पहले बैरियर के निकट पेड़ के पास कुछ मोटिया मजदूर बैठे हैं। बरही का सीताराम साहु कहते हैं, इस बार राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं की आवाजाही नहीं दिख रही है।

बगल में ही बैठे सुखराम भुइयां कहते हैं, मेला तो 22 की शाम से लगेगा। किसी को कहीं भी कोई शक हो तब तो राजनीतिक कार्यकर्ता डेरा डालेंगे। यह पूछने पर कि रांची की क्या रिपोर्ट है, दोनों कहते हैं, 23 का इंतजार कीजिए, फूल-माला से लदा चेहरा इधर से ही गुजरेगा।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Sujeet Kumar Suman

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस