जमशेदपुर, जेएनएन। जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत और झामुमो की हार के प्रमुख फैक्टर खास रहे। आइये जानिए जीत और हार की पांच प्रमुख वजह।

विद्युत की जीत के फैक्टर

1. केंद्र में मोदी का चेहरा और पांच साल तक लगातार सक्रिय रहने से मतदाताओं का समर्थन पाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।

2. धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का शिलान्यास, जुगसलाई ओवरब्रिज का निर्माण, मुसाबनी में बंद पड़ी माइंस को खुलवाने आदि का बड़ा फायदा मिला।

3. झामुमो में लंबे समय से रहने की वजह से विपक्षी पार्टी और कार्यकर्ताओं की कमजोरी से वाकिफ रहे, उन पर काम किया।

4. मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी से महतो उम्मीदवार नहीं होने से महतो मतदाताओं का समर्थन पाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।

5. भाजपा का बैनर रहने से ङ्क्षहदू वोटरों को जोडऩे के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी, बचा हुआ समय गांव में दिया।

चंपई के हार के प्रमुख फैक्टर

1. जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र, खासकर शहरी मतदाताओं के लिए चंपई सोरेन अनजान चेहरा बने रहे।

2. शहर में कैडरों की कमी और कांग्रेस, राजद व झाविमो कार्यकर्ताओं का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

3. चुनाव प्रचार में बन्ना गुप्ता को छोड़ कोई बड़ा कांग्रेसी नेता नहीं घूमा। कोई बड़ी चुनावी सभा नहीं हुई।

4. चुनाव प्रचार में आक्रामकता की कमी शुरू से अंत तक दिखी। शहर में झंडे-बैनर की कमी भी रही।

5. प्रत्याशी चयन में देरी से प्रचार के लिए अपेक्षित समय भी नहीं मिला, जबकि भाजपा काफी पहले से आक्रामक प्रचार में जुटा था। 

 

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Posted By: Rakesh Ranjan

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