चुनाव डेस्क, बरेली: भले ही इनके पास अकूत दौलत व संपत्ति न हो। इनका राजनीतिक घरानों से दूर-दूर तक ताल्लुक न हो, मगर राजनीति से कुछ आस इन्हें भी है। तभी तो लाखों मतदाताओं वाली संसदीय सीटों पर प्रमुख दलों के दावेदारों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोंक रहे हैं। इनमें कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने कभी वार्ड की सभासदी का चुनाव तक नहीं लड़ा। कुछ ऐसे हैं जोकि इससे पहले भी बड़े चुनाव में आए तो मगर वोट का आंकड़ा दहाई तक ही पार कर सका। हां, कुछ नाम राजनीतिक गणित बैठाने के लिए उतार दिए गए। वे कितने असरदार होंगे, यह बाद की बात है। फिलहाल मंडल की पांचों सीटों पर दर्जन भर से ज्यादा निर्दलीय या छोटे दलों के प्रत्याशी नामांकन की प्रक्रिया पार कर चुके हैं। मैदान में आ गए हैं। 

बरेली और आंवला 

बरेली और आंवला संसदीय क्षेत्र में छह निर्दलीय प्रत्याशी हैं। बरेली सीट से पर्चा दाखिल करने वाले नितिन मोहन 25 हजार की मोटर साइकिल रखते हैं। कहते हैं कि यह पहला चुनाव है। जनता ने उन पर भरोसा किया तो ठीक, वरना राजनीति से अलविदा तौबा कर लेंगे। उनके अलावा उषा अग्रवाल ने भी निर्दलीय पर्चा भरा है। जावेद खां भी निर्दलीय प्रत्याशी हैं। नितिन मोहन, राकेश अग्रवाल, सैय्यद राशिद अली का नामांकन भी हो चुका है जोकि कुछ हजार रुपये रखते हैं। आंवला संसदीय सीट से सिर्फ एक निर्दलीय हेमेंद्र पाल नामांकन प्रक्रिया को पार कर प्रत्याशी बनाए गए हैं।


पीलीभीत

पीलीभीत लोकसभा सीट के लिए सात निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से एक सपा प्रत्याशी हेमराज वर्मा के भाई ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार वर्मा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। अब छह निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। कुछ को राजनीतिक दलों ने डमी प्रत्याशी के तौर पर उतारा है। इनमें कांग्रेस-अपना दल गठबंधन के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार गुप्ता भी शामिल हैं। उन्होंने अपना दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कराया है लेकिन उन्हें निर्दलीय की श्रेणी में ही रखा गया है। हरियाणा के रेवाड़ी से आए वरुण गांधी भी निर्दलीय हैं। मुहल्ला इनायतगंज की उर्वशी सिंह, चंदोई गांव के कैफ रजा खां, बीसलपुर के गांव अमरा करोड़ की जाफरी बेगम, बेहरी गांव के मुनेश सिंह की कोई अपनी राजनीतिक पहचान नहीं है। मगर चुनावी समर में किस्मत आजमा रहे।

बदायूं

इस बार चुनावी रण में कुल नौ प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इनमें भाजपा, कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन जैसे प्रमुख दलों के प्रत्याशियों अलावा छह निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। निर्दलीय के तौर पर चुनावी समर में कूदे स्वामी पगलानंद संत हैं, गोशाला संचालित करने के साथ श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हैं। एक और निर्दलीय प्रत्याशी हरि सिंह की पेंशन और खेती से परिवार चलाते हैं। अब चुनाव मैदान में हैं। निर्दलीय अतुल कुमार पेट्रोल पंप के मालिक हैं। भारतीय गदर पार्टी से मैदान में उतरे कृपाशंकर शाक्य खेतिहर किसान हैं। कल्याणकारी जनतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार महेश श्रीवास्तव के आय का जरिया भी खेती है। जबकि ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से कैलाश कुमार प्रिटिंग प्रेस के मालिक हैं।


शाहजहांपुर

चुनाव चौथे चरण में होना है इसलिए यहां अभी नामांकन चल रहे हैं। सोमवार तक कुल नौ नामांकन हुए हैं। जिनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा-सपा गठबंधन व प्रसपा प्रत्याशी के अलावा पांच निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। मानव क्रांति पार्टी से रमेश चंद्र वर्मा, संयुक्त विकास पार्टी किशन लाल, चंद्रभाल, कुंवर पाल तथा मनोहर सरोज आदि निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। पत्रों की जांच और नामांकन वापसी के बाद यह संख्या परिवर्तित हो सकती है।

Posted By: Abhishek Pandey