जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट बर्खास्त बीएसएफ जवान और सपा-बसपा महागठबंधन के वाराणसी से उम्मीदवार रहे तेज बहादुर यादव के नामांकन रद होने के मामले में सुनवाई को तैयार हो गया है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वो तेज बहादुर यादव की नामांकन रद किए जाने के खिलाफ दर्ज शिकायत पर गौर करे और गुरुवार तक जवाब दाखिल करे।

तेज बहादुर की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा।तेज बहादुर यादव ने नामांकन रद करने के चुनाव अधिकारी के एक मई के फैसले के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। यादव ने चुनाव अधिकारी के फैसले को रद कर चुनाव लड़ने की अनुमति देने की मांग की है। वाराणसी में आखिरी चरण में 19 मई को मतदान होना है। यादव ने याचिका में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत सुनिश्चित करने की मंशा से उनका नामांकन पत्र रद किया गया।

तेज बहादुर यादव वाराणसी संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। याद दिला दें कि यह वही तेज बहादुर यादव हैं जिन्होंने जवानों को खराब खाना दिए जाने संबंधी एक वीडियो इंटरनेट पर डाला था, इसके बाद 2017 में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।हालांकि इस मामले में चुनाव आयोग का कहना है कि यादव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहे, क्योंकि जनप्रतिनिधि (आरपी) अधिनियम के तहत उन्हें इस आशय का प्रमाण पत्र देना आवश्यक था कि उन्हें भ्रष्टाचार या राज्य के प्रति निष्ठाहीनता के लिए बर्खास्त नहीं किया गया है।

यादव ने याचिका में कहा है कि उन्होंने नामांकन पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया था कि उन्हें अनुशासनहीनता में बीएसएफ से बर्खास्त किया गया, जो जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत नहीं आता। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए चुनाव आयोग से सर्टिफिकेट लेने की भी जरूरत नहीं है। 

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Posted By: Abhishek Sharma

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