गोरखपुर, जेएनएन। नामांकन से वंचित रहे प्रत्याशियों ने आयोग को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया कि नामांकन के अंतिम दिन वह लोग काफी पहले कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हो गए थे। बावजूद इसके उनका पर्चा नहीं लिया गया। आयोग को भेजी शिकायत में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखने की बात कही है। 

लोकसभा चुनाव में सातवें चरण के लिए गोरखपुर और बांसगांव सीट पर नामांकन दाखिल करने के लिए अंतिम दिन 29 अप्रैल को पहुंचे एक दर्जन लोगों को समय सीमा खत्म होने की बात कहते हुए नामांकन से रोक दिया गया था। उस दिन उन लोगों ने नामांकन स्थल के बाहर धरना भी दिया था। नामांकन से रोक गए सात लोगों ने इस मामले में रिटर्निंग अफसर के खिलाफ प्रेक्षक व भारत निर्वाचन आयेाग में शिकायत की है।

शिकायतकर्ताओं में शामिल महेंद्र कुमार, रामप्रसाद, गया, विनोद, पूनम आदि का आरोप है कि वह लोग 12 बजे के आसपास ही कलेक्ट्रेट परिसर में आ गए थे। दो बजे तक वह नामांकन कक्ष के बाहर खड़े थे। सीसीटीवी फुटेज में यह सब मौजूद है। वाराणसी में टोकन देकर सभी का नामांकन पत्र देर रात तक लिया गया था। गोरखपुर में ऐसा क्यों नहीं किया गया। आयोग से इंसाफ नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

उधर, जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि तीन बजे के चंद मिनट पहले तक जो लोग भी आए थे। सभी को नामांकन कक्ष में दाखिला दिया गया था। जो भी लोग संजीदा थे, सभी लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल कर लिया। निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवहेलना किसी के लिए भी नहीं की जा सकती है। प्रेक्षक की मौजूदगी में सभी कार्यवाही हुई है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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