आशुतोष तिवारी, प्रतापगढ़ : क्रीम कलर की साड़ी में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा हल्की मुस्कान बिखेर रहीं थीं और जनता उन्हें एकटक देख रही थी। मंच से प्रमोद तिवारी ने उनके वंशज और प्रतापगढ़ से रिश्ते की याद दिलाई तो वह शांत भाव से सुनती रहीं। माहौल में भावनाओं के उतार-चढ़ाव के बीच प्रियंका ने मंच संभाला तो वह पूरे रौ में नजर आईं। मोदी पर कई वार किए और उसके लिए सधे शायर की तरह शायरी का भी सहारा लिया। उनके इस अंदाज का जनता पर खासा असर दिखा और वह भी अपनी बात साझा करने में कामयाब रहीं। 

 प्रमोद तिवारी ने कहा, क्या ऐसा नहीं लगता कि मंच पर इंदिरा गांधी हैं

पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने जनता को कनेक्ट करने के लिहाज से ङ्क्षप्रयका वाड्रा की तरफ इशारा कर जनता से सवाल दाग दिया, क्या ऐसा नहीं लगता कि मंच पर इंदिरा गांधी विराजमान हों। इतना कहते ही जनता में भावनाओं का ज्वार तेजी से उठा। इसी के बाद ङ्क्षप्रयका वाड्रा को एक शहीद की बेटी बताया गया तो रही-सही कसर भी पूरी हो गई। सारे लोग सम्मान और जोश में खड़े हो गए। यह भी कि यह उस मां की बेटी हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री का पद ठुकरा दिया था।

भावुक हो उठी प्रियंका

पं. नेहरू के प्रतापगढ़ से रिश्ते के पुराने दिनों की याद ताजा कराई गई। पं. नेहरू विदेश से वकालत की पढ़ाई पढ़कर लौटे तो प्रतापगढ़ भी उनका आना हुआ और यहां से वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बनकर वापस लौटे। प्रतापगढ़ की माटी से अपने वंशजों के रिश्ते की बात सुनकर प्रियंका भी भावुक हो उठीं। उन्होंने मंच संभाला तो जनता के बीच अपना विश्वास बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। 

प्रियंका पीएम मोदी पर हमलावर रहीं 

हमलावर होते हुए उन्होंने कई मामलों में मोदी सरकार की बखिया उधेड़ी। मोदी के उस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि बार-बार मोदी 70 साल के काम की बात करते हैं, मगर अपनी सरकार के पांच साल के कार्यों को भी नहीं गिना पाते। पहले अपने पांच साल के कामों को तो गिनाइए मोदी जी, अपनी इस बात को और भी पुख्ता करने के लिए उन्होंने मशहूर शायर अदम गोंडवी की शायरी भी पढ़ी 'तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है'।

मोदी को कमजोर व कायर पीएम बताया

वहीं वह मोदी को सबसे कमजोर और कायर प्रधानमंत्री भी बताती हैं। कहती हैं कि पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने हर वादा झूठा किया, वहीं वह दूसरों पर इल्जाम पर इल्जाम लगाते हैं। उन्होंने मोदी के लिए लोगों को एक और शायरी सुनाई, 'तू इधर-उधर की बात न कर, ए बता कि काफिला क्यूं लुटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है'। उनके इस शायराना अंदाज पर लोगों ने खूब ताली बजाई। 

प्रियंका के बदले तेवर से चौंके कांग्रेस कार्यकर्ता 

वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके इस बदले तेवर को देख चौंक गए। हमेशा गंभीर और सधे शब्दों में अपनी बात कहने वाली प्रियंका का अंदाज अचानक बदल कैसे गया है। जय हिंद के उद्घोष के साथ प्रियंका के वाणी विराम देते ही पूरा पंडाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।

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Posted By: Brijesh Srivastava

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