मुंबई (एजेंसी)। महाराष्‍ट्र में इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (इवीएम) को सीलबंद करने के लिए 6.81 लाख 'रेड वैक्‍स स्टिक्‍स' और चार लाख मोमबत्तियों का इस्‍तेमाल किया जाएगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

राज्‍य में पहली बार ईवीएम, उनकी कंट्रोल यूनिट्स और वीवीपैट मशीनों का इस्‍तेमाल हो रहा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, ईवीएम को सुरक्षित करने के लिए मतदान केंद्र पर छह सीलिंग वैक्‍स का इस्‍तेमाल होगा। अनुमान है कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में कुल 6.81 लाख सीलिंग वैक्‍स की जरूरत पड़ेगी। संभवत: ऐसा पहली बार है जब चुनावों में इतनी बड़ी मात्रा में रेड वैक्‍स (लाल मोम) की जरूरत होगी।

बता दें कि सरकारी मशीनरी में सीलिंग रेड वैक्‍स का काफी इस्‍तेमाल होता है। सरकारी कर्मचारी दस्‍तावेजों, साक्ष्‍यों एवं अन्‍य सरकारी सामग्रियों को सीलबंद करने के लिए इसी वैक्‍स का इस्‍तेमाल करते हैं। सरकार के गोपनीय दस्‍तावेजों को सुरक्षित करने के लिए रेड वैक्‍स की काफी अहमियत मानी जाती है। मतदान संपन्‍न हो जाने के बाद ईवीएम, उनकी कंट्रोल यूनिट्स और वीवीपैट मशीनों को सीलबंद करने के लिए रेड वैक्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है। 

आधिकारिक बयान में बताया गया है कि मतदान के बाद चुनाव से जुड़ी सारी सामग्रियां सीलबंद कर दी जाएंगी। इस सील को वरिष्‍ठ अधिकारियों के सामने मतगणना के दिन ही खोला जाएगा। पूर्व में बैलेट बॉक्‍सों, बैलेट पेपर्स एवं अन्‍य चुनावी सामग्रियों को इन्‍ही रेड वैक्‍स द्वारा सीलबंद किया जाता था। महाराष्‍ट्र में 11, 18, 23 और 29 अप्रैल को चार चरणों में वोट डाले जाएंगे।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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