रांची, जेएनएन। Lok Sabha Election 2019 - बीते दिन रांची में चुनाव की चेकिंग में पूर्व माइनिंग अफसर निरंजन प्रसाद से पकड़े गए 51 लाख रुपये चुनाव फंडिंग में दिए जाने थे। लोकसभा चुनाव में फंडिंग किए जाने के लिए यह पैसा जमशेदपुर के एक नेता को दिया जाना था। पुलिस सूत्रों के अनुसार जब्त किए गए रुपये जमशेदपुर में एक पार्टी के नेता को देने के लिए ले जाए जा रहे थे। लोकसभा चुनाव में फंडिंग की उन्हें जिम्मेवारी मिली थी।

रांची के नामकुम से निलंबित खनन पदाधिकारी निरंजन प्रसाद को 51 लाख रुपये के साथ हिरासत में लिया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिलने पर नामकुम थाना क्षेत्र के चाय बगान काली नगर के पास से शुक्रवार की सुबह करीब 5:30 बजे नैनो कार (जेएच-05-एई-3635) को रोककर जांच की गई। इस दौरान उस कार से 51 लाख रुपये बरामद किए गए।

सारे पैसे कार में बिछे मैट में छुपाकर रखे गए थे। साथ में एक थैला भी रखा था। कार में लोहरदगा जिला के तत्कालीन सहायक खनन पदाधिकारी निरंजन प्रसाद और उनकी पत्नी और मां बैठी थीं। पत्नी और मां को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। पुलिस व आयकर विभाग निरंजन के पास से जब्त रुपये की जांच में जुटा है। उनकी संपत्ति की भी जांच चल रही है।

आयकर विभाग ने पूरे रुपये को जब्त कर लिया है। आयकर विभाग की अनुसंधान टीम के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि निरंजन प्रसाद द्वारा बड़ी रकम को खपाने के लिए रांची के कालीनगर से जमशेदपुर ले जाया जा रहा है। इसकी सूचना रांची पुलिस को दी गई। इसके बाद रुपये के साथ निरंजन प्रसाद पकड़े गए हैं।

चाचा के घर के पास रोकी कार
जहां से कार में रुपये बरामद की गई है, उससे करीब 50 मीटर की दूरी पर निरंजन प्रसाद के चाचा का घर है। बताया जा रहा है कि निरंजन अपने चाचा के घर पर ही रुपये रखकर कार से निकल रहे थे। हालांकि चाचा के परिवार वालों को इसकी कोई जानकारी नहीं है। चाचा ने पुलिस को बताया है कि उनका इएसआई अस्पताल में आंख का ऑपरेशन हुआ है। इधर पुलिस ने निरंजन प्रसाद से रुपये का जब हिसाब पूछा, तो वे हिसाब नहीं दे पाए। केवल कहा कि ये उनका पैसा है। पुलिस ने उनके चाचा के घर भी छापेमारी कर कोना-कोना खंगाला। हालांकि वहां से कुछ नहीं मिला।

रांची, जमशेदपुर और पटना में है संपत्ति
पुलिस व खनन विभाग के अधिकारियों की पूछताछ में निरंजन प्रसाद ने बताया कि रांची, जमशेदपुर और पटना में उनकी संपत्ति है। रांची के नामकुम में फ्लैट होने की जानकारी दी है, जबकि जमशेदपुर में उनका घर है। पैतृक संपत्ति के अलावा उन्होंने जमीन की भी खरीद की है। पटना में भी बेशकीमती जमीन है। पुलिस व आयकर विभाग उनकी पूरी संपत्ति की जांच कर रही है।

घूस लेते वीडियो वायरल होने पर किए गए थे निलंबित
निरंजन प्रसाद पूर्व में लोहरदगा में सहायक खनन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित थे। दैनिक जागरण में बीते 19 मार्च 2019 को घूस लेते वीडियो वायरल की खबर प्रकाशित होने पर सरकार ने निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सहायक निदेशक कार्यालय दुमका है।

उपसचिव के निर्देश पर दर्ज की गई थी प्राथमिकी
घूस लेते वीडियो वायरल होने के बाद खान एवं भू-तत्व विभाग के उपसचिव पंकज चौधरी के निर्देश पर लोहरदगा सदर थाने में निरंजन प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एसीबी ने मामले को टेकओवर कर लिया है। लोहरदगा के अपर समाहर्ता को निर्देश दिया गया है कि उनके खिलाफ साक्ष्य प्राप्त कर प्रपत्र क गठित करें और विभाग को भेजा जाए।

'जब्त रुपये को आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अलावा आयकर टीम इसकी जांच कर रही है। रुपये कहां से आए और कहां भेजा जा रहा था, यह पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अनीश गुप्ता, एसएसपी रांची। 

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Posted By: Alok Shahi

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