पथानमथिट्टा, प्रेट्र। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी लोगों को उनकी आस्था और भावनाएं व्यक्त करने की अनुमति देने में भरोसा करती है। कांग्रेस लोगों को कभी भी उनकी आस्था व्यक्त करने से नहीं रोकेगी।

यहां एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसा भारत चाहती है जहां लोग अपने दिल की बात व्यक्त कर सकें बशर्ते ये भावनाएं शांतिपूर्ण और अहिंसक हों। बाकी वह यह मामला राज्य के लोगों के विवेक पर छोड़ते हैं।

खास बात यह है कि सबरीमाला मंदिर के शहर में होने के बावजूद राहुल ने भगवान अयप्पा या मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों का कोई जिक्र नहीं किया। वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ने के फैसले पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस सीट को इसलिए चुना क्योंकि यह राज्य अन्य राज्यों के लोगों के विचारों का आदर करता है।

कोल्लम जिले में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि देश भाजपा और आरएसएस के हमले का शिकार है जो अपनी आवाज को छोड़कर सभी अन्य आवाजें दबाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत पर देश के लोगों का शासन होना चाहिए, न कि एक विचारधारा या व्यक्ति का।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस मुक्त भारत। इसका मतलब है कि वह कांग्रेस की विचारधारा मिटाना चाहते हैं। लेकिन हम कह रहे हैं कि हम आपसे सहमत नहीं हैं। हम आपसे तब तक लड़ेंगे जब तक आपको यह न समझा दें कि आप गलत हो। हम आपको चुनाव में हराएंगे। लेकिन आपके खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल नहीं करेंगे।'

प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि पिछले पांच साल में उन्होंने कई वादे किए। दो करोड़ रोजगार के अवसर, बैंक खातों में 15 लाख रुपये और किसानों के लिए समर्थन मूल्य। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि प्रधानमंत्री के वादे के मुताबिक कितने लोगों के बैंक खातों में रुपये आए।

राफेल सौदे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी को दिए गए 30 हजार करोड़ रुपये मनरेगा के एक साल के बराबर हैं, इससे लाखों लोगों को काम मिल सकता था। राहुल ने फिर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने 3.5 लाख करोड़ रुपये देश के 15 सबसे रईस लोगों को दे दिए। खास बात यह रही कि राहुल ने केरल की सत्तारूढ़ एलडीएफ सरकार के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा।

दोनों रैलियों को संबोधित करने के बाद राहुल केरल कांग्रेस (एम) के नेता और राज्य के पूर्व मंत्री केएम मणि के घर गए और उनके परिजनों को सांत्वना दी। मणि का पिछले हफ्ते निधन हो गया था।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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