धनबाद, तापस बनर्जी। धनबाद से गिरिडीह तक नई रेललाइन बिछाने की सुगबुगाहट चुनाव से पहले तक थी। रेलवे के आला अफसरों के साथ सांसदों की बैठक में न सिर्फ 300 करोड़ स्वीकृति की घोषणा हुई बल्कि इससे जुड़ा बुकलेट भी जारी हो गया। ट्रैफिक सर्वे में तकरीबन 1600 करोड़ खर्च का आंकलन कर लिया गया। इसके साथ ही रेलगाड़ी से सफर के ख्वाब को हकीकत में बदलने की उम्मीदों ने करवट ली। पर इस चुनाव में भी धनबाद-गिरिडीह रेललाइन मुद्दा नहीं बन सका।

बड़े बदलाव के साथ 70.70 किलोमीटर लंबी रेललाइन का पूरा हो चुका टै्रफिक सर्वेः इस परियोजना में पहले की तुलना में व्यापक फेरबदल किया गया है। पहले जहां धनबाद से गिरिडीह के बीच 50 किमी रेललाइन बिछाने की योजना थी, वहीं अब यह लाइन धनबाद से जामताड़ा होकर न्यू गिरिडीह तक बिछेगी, जिसकी कुल दूरी 70.70 किलोमीटर होगी। बेंगलुरू की कंपनी मेसर्स शिप्रा सिस्टम्स के साथ रेलवे अधिकारियों की टीम ने संशोधित रूट का टै्रफिक सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सौंप दी है। नये रूट की लागत लगभग 1600 करोड़ होगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि रेलगाड़ी 157 छोटे-बड़े पुल और दो सुरंगों के बीच से गुजरेगी। इतना ही नहीं सफर करने वाले यात्री धनबाद के ढांगी पर्वत की तलहटी और टुंडी के घने जंगलों के बीच से गुजर कर उसरी फॉल और खंडोली डैम का नजारा लेते हुए गिरिडीह पहुंचेंगे।

लाइन बनी तो ऐसे गुजरेगी ट्रेनः धनबाद से हावड़ा के बीच मौजूदा लाइन पर धनबाद से धोखरा-प्रधानखंता के बीच करमाटांड़ तक इसी ट्रैक का उपयोग होगा। करमाटांड़ से बरवाडीह और ढांगी गांव की ओर से लाइन मुड़ जाएगी। ढांगी गांव से गुजरने के बाद पहला स्टेशन गोविंदपुर होगा। गोविंदपुर से खुदिया नदी ब्रिज पार कर महाराजगंज तक पहुंचेगी। यहां भी रेलवे स्टेशन विकसित होगा। महाराजगंज से दोमुंडापहाड़ रिजर्व फॉरेस्ट होकर टुंडी तक रेललाइन बनेगी। टुंडी के बाद इसका विस्तार जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड तक होगा। यहां से बराकर नदी के बाद हजारद, महेशपुर और फुलुची गांव होते हुए उसरी फॉल तक लाइन बिछाई जाएगी। उसरी फॉल से कोइमारा में प्रवेश करेगी। कोइमारा से धिराबर नदी तेलकर गांव से सटे रिजर्व फॉरेस्ट से होकर गिरिडीह शाखा लाइन से रेल ऑन रेल ब्रिज आरओआर से जुड़ेगी और न्यू गिरिडीह तक पहुंचेगी।

300 करोड़ की मिल चुकी स्वीकृतिः इस प्रोजेक्ट के लिए 300 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। सितंबर में हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक की सांसदों के साथ बैठक में इस संबंध में बुक लेट भी जारी किया गया।

धनबाद-गिरिडीह के बीच बनना है बड़े रेल ब्रिजः धनबाद में खुदिया नदी व बराकर नदी तभा गिरिडीह में उसरी नदी के ऊपर रेलवे बड़े ब्रिज का निर्माण कराएगी। इसके साथ ही इस रूट पर अलग-अलग स्थानों पर तीन और बड़े ब्रिज विकसित होंगे जिनसे होकर यात्री टे्रनों के साथ-साथ मालगाडिय़ां भी गुजरेंगी।

गोविंदपुर, टुंडी में रेल आवासों निर्माण प्रस्तावितः इस रेलखंड पर जिन स्थानों में शहरी क्षेत्र हैं वहां अनिवार्य श्रेणी के कर्मचारियों के लिए रेलवे आवासों का भी निर्माण होगा। इसके लिए ऐसे स्थानों का चयन होगा जहां नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और कर्मचारी अपने परिवार के साथ रह सकें।

26 कोच वाले प्लेटफॉर्मों का होगा निर्माणः इस रेल मार्ग के अंतर्गत सभी प्लेटफॉर्म हाई लेवल होने के साथ-साथ उन्हें 26 कोच के ठहराव योग्य बनाया जाएगा। निर्माण कार्य भविष्य की योजनाओं को ध्यान में किया जाएगा ताकि आवश्यकतानुसार उनका विस्तारीकरण किया जा सके।

न्यूनतम यात्री सुविधाएं की जाएंगी विकसितः दोनों शहरों के बीच के सभी स्टेशनों में न्यूनतम यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्टेशन की श्रेणी के अनुसार वहां सुविधाओं का विस्तार होगा।

गोविंदपुरः इसे क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां दो लूप लाइन और दो हाई लेवल प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा। धनबाद से दूरी 10.75 किमी होगी।

महाराजगंजः इसे क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां दो लूप लाइन व एक मेन लाइन बनेगा। धनबाद से इसकी दूरी 24.95 किमी होगी।

टुंडीः रेलवे यहां क्रॉसिंग स्टेशन का निर्माण कराएगी जो धनबाद 38.10 किलोमीटर दूर होगा। यहां भी दो लूप लाइन बनेंगे व एक मेन लाइन।

फतेहपुरः इस क्रॉसिंग स्टेशन की दूरी धनबाद से 44.85 किमी होगी। दो लूप और दो मेन लाइन का निर्माण होगा।

कोइमाराः इसकी दूरी धनबाद से 58.20 किलोमीटर होगी। रेलवे यहां दो लूप और दो मेन लाइन का निर्माण कराएगी।

न्यू गिरिडीहः गिरिडीह शहर के बीचोबीच इस स्टेशन को भी क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां दो लूप और दो हाई लेवल प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा। यहां एक टै्रक साइडिंग का भी निर्माण होगा।

अहम बातें

कुल लंबाई - 70.70 किलोमीटर

कुल ब्रिज - 157

बड़े ब्रिज - 6

रेल ओवरब्रिज - 1

छोटे ब्रिज - 93

आरओबी - 22

रेल अंडरब्रिज - 35

सुरंगें - 2

रेलवे फाटक - शून्य

रूट - डी

रिजर्व फॉरेस्ट - 10.05 किलोमीटर

अधिकतम गति - 100 किमी प्रति घंटे

कुल स्टेशन - सात धनबाद व न्यू गिरिडीह सहित

- लागत - सिविल इंजीनियङ्क्षरग 1344 करोड़, सिग्नल एंड टेलिकॉम 100 करोड़, इलेक्ट्रिकल 50 करोड़, टीआरडी 140 करोड़

प्रति किलोमीटर निर्माण में खर्च - 19.1 करोड़

कौन-कौन स्टेशनः धनबाद, गोविंदपुर, महाराजगंज, टुंडी, फतेहपुर, कोइमारा व न्यू गिरिडीह

कितनी दूर पर कौन सा रेलवे स्टेशन होगा

धनबाद से गोविंदपुर - 10.75 किलोमीटर

गोविंदपुर से महाराजगंज - 14.20 किलोमीटर

महाराजगंज से टुंडी - 13.15 किलोमीटर

टुंडी से फतेहपुर      - 6.74 किलोमीटर

फतेहपुर से कोइमारा - 13.35 किलोमीटर

कोइमारा से न्यू गिरिडीह - 12.50 किलोमीटर

Posted By: mritunjay

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