नई दिल्‍ली, जेएनएन। Lok Sabha Election Result 2019 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी और विपक्ष के बीच करीब दो माह तक चली चुनावी जंग पर अब विराम लग गया है। इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो चुकी हैं। देश में एक बार फिर बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। हालांकि, इस चुनाव के दौरान कई राजनेता ऐसे थे। जिनका राजनीति करियर दांव पर लगा था। नतीजे लगभग सामने आ ही गए है। तो चलिए बताते है उन 10 दिग्गजों के बारे में जिन्हें जनता नकार दिया है।  

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा (Shatrughan Sinha)
पटना साहिब (Patna Sahib) लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्‍न सिन्‍हा चुनाव हार दाव पर है। यहां भाजपा के रविशंकर प्रसाद 6,04,956 मतों के साथ विजयी हुए हैं। सिन्हा ने हाल ही में भाजपा को छोड़ कांग्रेस का दामन थामा था। भाजपा में वह लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे। 

उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha)
उजियारपुर लोक सभा सीट से चुनाव लड़ रहे उपेंद्र कुशवाहा का सियासी करियर दाव पर था।  यहां सूबे के दो दिग्गजों के बीच मुकाबल था। इसमें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (Nityanand Rai)  ने बाजी मार ली। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा को दो लाख 78 हजार 108 मतों से हरा दिया।

शरद यादव (Sharad Yadav)
मधेपुरा लोक सभा सीट से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहे शरद यादव को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। त्रिकोणीय लड़ाई में जदयू प्रत्याशी दिनेशचंद्र यादव ने पप्पू यादव और शरद यादव को मात देकर जीत हासिल कर ली। पप्पू यादव तीसरे स्थान पर रहे। 

एचडी देवगौडा (H.D. Devegowda)
कर्नाटक की तुमकुर लोक सभा सीट से चुनाव लड़ रहे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौडा का सियासी करियर भी दाव पर है। यहां से भाजपा के जीएस बसवाराजू ने 596127 मतों के साथ जेडीएस के एचडी देवगौड़ा को शिकस्‍त दी। जेडीएस के एचडी देवगौड़ा को 582788 मत मिले। इस हार ने देवगौडा के लिए संसदीय राजनीति में वापसी की मंशा पर पानी फेर दिया है।  

शीला दीक्षित (Sheila Dixit) 
उत्तर पूर्व दिल्ली लोक सभा सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार शीला दीक्षित का सियासी भविष्‍य भी दाव पर है। दिल्‍ली प्रदेश कांग्रेस की अध्‍यक्ष के सामने भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवारी चुनावी मैदान में थे। तिवारी इस सीट से 3.59 लाख मतों के अंतर से बढ़त बनाये हुए हैं। 2014 में भी उत्तर-पूर्व दिल्ली सीट से भोजपुरी गायक-अभिनेता तिवारी ने जीत दर्ज की थी।  

महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti)
जम्मू कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) प्रत्याशी हसनैन मसूदी ने शानदार जीत दर्ज कर ली है। पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अपने गढ़ अनंतनाग सीट से हार का सामना करना पड़ा। 

जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi)
गया लोक सभा सीट पर जेडीयू के विजय मांझी का मुकाबला हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (हम) सुप्रीमो जीतनराम मांझी से था। जीतनराम मांझी राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री हैं। यह चुनाव उनके सियासी भविष्‍य को लेकर भी अहम माना जा रहा था, लेकिन वह इस परीक्षा में फेल हो गए हैं। यहां से जदयू के विजय मांझी ने 1,52,426 मतों के साथ जीतनराम मतों हरा दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि जीतनराम मांझी को 3,14,581 वोट मिले हैं। वहीं, विजय मांझी को 4,67,007 मत मिले है। 

मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge)
 कांग्रेस एवं नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पहली बार हार का सामना करना पड़ा। गुलबर्गा लोक सभा सीट से भाजपा के डॉ. उमेश जाधव ने मल्लिकार्जुन खड़गे को हरा दिया है। उन्होंने अब तक 11 चुनावों लड़े है और सभी में जीत हासिल की है।  

हरीश रावत (Harish Rawat)
नैनीताल ऊधमसिंह नगर लोक सभा सीट से हरीश रावत कांग्रेस के खेमे से चुनावी मैदान में हैं। अब तक के रुझानों के मुताबिक, इसी सीट से भाजपा के अजय भट्ट 7,72,195 मतों के साथ सबसे आगे हैं। हरीश रावत 4,33,099 मतों के साथ दूसरे जबकि बसपा के नवनीत अग्रवाल 2,8455 मतों के साथ तीसरे स्‍थान पर हैं। हरीश रावत यदि चुनाव हारते हैं तो कांग्रेस में उनका कद जरूर प्रभावित होगा। 

सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid)
फर्रुखाबाद (Farrukhabad) लोक सभा सीट से भाजपा के मुकेश राजपूत ने कांग्रेस के सलमान खुर्शीद को हरा दिया है। मुख्‍य धारा की राजनीति में लंबे समय से हासिये पर चल रहे सलमान खुर्शीद 55258 मतों के साथ तीसरे जबकि बसपा के मनोज अग्रवाल 348178 मतों के साथ दूसरे स्‍थान पर रहे। भाजपा के मुकेश राजपूत को 569880 मत मिले हैं। सलमान खुर्शीद साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी वह हार गए थे। 

ये तमाम राजनेता राजनीति के दिग्गज है। इन चुनावों में इन सभी का साख दांव पर थी। अब इनमें से जितने भी नेता हार गए है उनका सियासी करियर दांव पर है। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा, शरद यादव और उपेंद्र कुशवाहा, एचडी देवगौडा, जीतन राम मांझी, सलमान खुर्शीद जहां अपने सियासी अस्तित्‍व की जंग लड़ रहे थे। वहीं हरीश रावत, मल्लिकार्जुन खड़गे, महबूबा मुफ्ती और शीला दीक्षित के सामने खुद को साबित करने की चुनौती थी। हालांकि, मौजूदा यह इस 'अग्निपरीक्षा' को पास करने में कामयाब नहीं हो पाएं। 

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Posted By: Krishna Bihari Singh