गोड्डा, जेएनएन। देश में आम चुनाव शुरू हो गया है। कोई 91 सीटों पर वोट भी डाले जा चुके हैं। गोड्डा में आगामी 19 मई को मतदान होना है। चारों ओर चुनाव का माहौल दिख रहा है। लोकतंत्र के महापर्व को लेकर अब वोटरों में जागरूकता आई है। इसके साथ ही समय के साथ मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता ही जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है।

अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए 85 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मी कृष्ण देव साह कहते हैं कि इससे भारतीय लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। अपने पुराने अनुभव को बताते हुए कहा कि पूर्व में चुनाव के समय ना तो इतना शोर था, ना ही मतदान का प्रतिशत ही बेहतर था। लेकिन समय के साथ काफी बदलाव दिख रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1957 के आम चुनाव में वे चुनाव ड्यूटी पर थे।

गोड्डा के सुंदरपहाड़ी प्रखंड में उन्हें ड्यूटी मिली थी। तब वहां के सुसनी गांव के इलाकों में मतदान कराने गया था। मतदान के एक दिन पूर्व  सुंदर पहाड़ी डाक बंगला में रुके थे। इसके बाद पैदल चलकर पहाड़ी व दुर्गम इलाका होते हुए सुसनी गांव गया था। उस वक्त मतदान केंद्रों के भवन भी नहीं थे। रैंप, बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा तो दूर की बात है। कच्ची सड़कें थी । खुली जगह पर मतदान संपन्न कराया था। उस वक्त लोगों में मतदान को लेकर जागरूकता नहीं थी ।

20 से 30 फीसद मतदान ही होते थे। हालांकि शहरी और कस्बाई इलाकों में यह प्रतिशत ज्यादा था। इतने विविध चुनाव प्रचार नहीं होते थे। पक्की सड़कें काफी कम थी। ज्यादातर सड़कें मोरम और मिट्टी की ही होती थी । साह कहते हैं कि उत्साह उस समय भी उतना ही था लेकिन लोगों में इतनी जागरूकता नहीं थी, जितनी आज है। बताया कि अब मतदान केंद्रों पर भी काफी सुविधाएं मिल रही है। लोकतंत्र का महापर्व है चुनाव। इसमें हर नागरिकों को सबसे पहले मतदान करना चाहिए। चुनाव आयोग ने जिस तरह सभी बूथों पर बुनियादी सुविधाएं देने की घोषणा की है, ऐसे में मेरे जैसे बुजुर्ग भी वोट डालने को तैयार बैठे हैं। अपना मत जरूर डालना चाहिए । इसके बाद ही कोई काम करना चाहिए।

Posted By: mritunjay