धर्मशाला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा कुल चारों सीटों पर रविवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा। इन सीटों के लिए कुल 45 प्रत्याशी मैदान में हैं। हालांकि, यहां मुख्य मुकाबला आमतौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहता आया है, मगर इस बार बसपा ने भी चारों सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। प्रदेश में 14 राजनीतिक दलों के 45 उम्मीदवारों का भविष्य 53.30 लाख मतदाता करेंगे। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा और 23 मई तक के लिए प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो जाएगा।

प्रदेश में कुल मतदाओं में 1,18,115 पुरुष मतदाताओं की संख्या महिला मतदाताओं से अधिक है। निर्वाचन विभाग ने 100 फीसद मतदान का लक्ष्य रखा है, जबकि अभी तक विधानसभा में 76 फीसद से कम और विधानसभा में 66 फीसद से कम मतदान दर्ज किया गया है। पहली बार प्रदेश में 1.52 लाख मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। तीस वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं का आंकड़ा 13.34 लाख से अधिक है। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 47 कंपनियों को जिम्मा सौंपा गया है।

शिमला में मुकाबला दो पूर्व फौजियों में

शिमला में मुकाबला भाजपा के सुरेश कश्यप और कांग्रेस के कर्नल धनी राम शांडिल के बीच है। कभी कांग्रेस की रही इस सीट पर पिछली दो बार से भाजपा जीत दर्ज कर रही है। यहां दो पूर्व फौजी मैदान में हैं। भाजपा ने सुरेश कश्यप को टिकट दिया है, जो पच्छाद से विधायक हैं। कांग्रेस ने सोलन निवासी धनी राम शांडिल को मैदान में उतारा है। शांडिल पूर्व कांग्रेस सरकार में मंत्री थे व पहले सांसद भी रह चुके हैं। शिमला में छह प्रत्‍याशी चुनावी मैदान में भविष्‍य आजमां रहे हैं।

कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में जातीय समीकरण

कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में जातीय समीकरण हावी है। भाजपा ने गद्दी समुदाय से किशन कपूर को प्रत्याशी उतारा है तो कांग्रेस ने ओबीसी नेता पवन काजल को मैदान में उतारा है। दोनों ही जाति का खासा वोट बैंक है व दोनों नेताओं अपना वर्चस्‍व है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से 11 प्रत्‍याशी मैदान में हैं।

मंडी में मुकाबला सुखराम परिवार बनाम मुख्‍यमंत्री

मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस ने पूर्व मंत्री पंडित सुखराम के पौत्र आश्रय को चुनाव में उतारा है। सुखराम परिवार का मंडी में अच्छा रसूख माना जाता है। आश्रय के पिता अनिल शर्मा भाजपा सरकार में मंत्री थे, जिन्होंने बेटे को विरोधी पार्टी से टिकट मिलने के बाद दबाव में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि वह अभी विधायक हैं पर प्रचार करने नहीं उतरे। एक तरफ सुखराम परिवार है तो दूसरी तरफ मंडी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह जिला है। भाजपा ने वर्तमान सांसद रामस्वरूप शर्मा को फिर मैदान में उतारा है। यहां परिवार और मुख्यमंत्री के बीच लड़ाई है। भौगोलिक रूप से इसमें कुल्लू, लाहुल-स्पीति और किन्नौर जिले भी आते हैं, जबकि चंबा का जनजातीय हलका भरमौर भी इसी में है। मंडी संसदीय क्षेत्र से सबसे ज्‍यादा 17 प्रत्‍याशी मैदान में हैं।

हमीरपुर में अनुराग बनाम रामलाल ठाकुर

भाजपा के प्रत्याशी अनुराग ठाकुर लगातार चौथी जीत के लिए मैदान में हैं। तो वहीं कांग्रेस ने तीन बार हार चुके रामलाल ठाकुर को मैदान में उतारा है। लेकिन इस बार अनुराग व रामलाल में मुकाबला कड़ा लग रहा है। अनुराग के पिता एवं पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल पूरी जदोजहद से प्रचार में जुटे रहे। वह इस बार विधानसभा चुनाव हार गए थे और इसके बाद परिवार की साख बचाने के लिए मैदान में डटे रहे। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से 11 प्रत्‍याशी मैदान में हैं व 17 विधानसभा क्षेत्र हैं।

मतदान के लिए इनमें से एक दस्तावेज जरूरी

फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्रार्इंवग लाइसेंस, राज्य व केंद्र सरकार के उपक्रमों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र, बैंकों व डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैनकार्ड, स्वास्थ्य बीमा के तहत आरजीआइ द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी पहचानपत्र और आधार कार्ड।

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Posted By: Rajesh Sharma

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