जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी यात्रा दौरान हेलीपेड बनाने की अनुमति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सशर्त अनुमति प्रदान कर दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्टे भूमि पर अगर स्टे जारी करवाने वाले याचिकाकर्ता हामी भरते है तो दो दिन के लिए हेलीपेड बनाए जाने पर उक्त याचिका में किसी प्रकार से कोर्ट की अवमानना नहीं मानी जाएगी।

पीएम मोदी आगामी 22 अप्रैल को एक रैली को संबोधित करने के लिए उदयपुर आ रहे है। पीएम के हेलिकॉप्टर लैंडिंग के लिए उदयपुर जिला कलेक्टर ने स्टे भूमि पर 21 अप्रैल को हेलीपेड बनाए जाने को लेकर हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है। इस भूमि पर पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर ने हेलीपेड बनाए जाने को लेकर प्रस्ताव पारित किया था। इस पर फील्ड क्लब सोसायटी के पदाधिकारियों ने उक्त सोसायटी की भूमि पर हेलीपेड बनाए जाने के पारित प्रस्ताव को हाईकोर्ट में वर्ष 1996 में चुनौती दी थी। उसके बाद हाईकोर्ट ने उक्त भूमि पर प्रस्तावित हेलीपेड बनाए जाने पर रोक लगा दी थी।

अब पीएम की 22 अप्रैल को होने वाली यात्रा को लेकर उक्त भूमि पर हेलीपेड बनाए जाने को लेकर एक याचिका अतिरिक्त महाधिवक्ता करणसिंह राजपुरोहित ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई। जस्टिस पी.एस. भाटी ने मामले में सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया कि अगर स्टे जारी करवाने वाले याचिकाकर्ता दो दिन के लिए उक्त भूमि पर हेलीपेड बनाने को लेकर सहमति प्रदान करते है तो कोर्ट इसे अवमानना की श्रेणी में नहीं मानेगा। हाईकोर्ट में सोसायटी की ओर से नमित जोशी और खेतसिंह राजपुरोहित ने पक्ष रखा ।  

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Posted By: Preeti jha