पटना [एसए शाद]। बिहार में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के दूसरे चरण (Phase 2 Voting) में भागलपुर और बांका के अलावा सीमांचल की तीन सीटों (पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज) पर 18 अप्रैल को मतदान हो रहा है। यह चरण प्रदेश में कांग्रेस (Congress) का भविष्य भी तय कर देगा। कांग्रेस को तालमेल में मिली नौ सीटों में से तीन पर इसी चरण में चुनाव होना है। बिहार में लोकसभा चुनाव का यह दूसरा चरण मतदान जनता दल यूनाइटेड (JDU) के लिए भी बेहद अहम है। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो मुस्लिम उम्मीदवारों में से एक महमूद अशरफ की किस्मत का भी फैसला यह चरण कर देगा।
कटिहार में तारिक बने कांग्रेस उम्‍मीदवार
कांग्रेस ने कटिहार से तारिक अनवर और पूर्णिया से उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। तारिक अनवर राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) छोड़कर कांग्रेस में आए हैं। वे कटिहार से पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। छठी बार चुनावी मैदान में हैं। जाहिर है उनकी लोकप्रियता और कांग्रेस के प्रति जनता का रुझान, दोनों का ही अंदाजा 18 मार्च को हो जाएगा। इस बार तारिक अनवर का मुकाबला जदयू के दुलालचंद गोस्वामी से है।
पूर्णिया में कांग्रेस ने लगाया पप्‍पू सिंह पर दांव
बगल की पूर्णिया सीट पर कांग्रेस ने इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ आए पूर्व सांसद पप्पू सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जिनका मुकाबला जदयू के निवर्तमान सांसद संतोष कुशवाहा से है। संतोष कुशवाहा भी पहले भाजपा में थे, मगर 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह जदयू में आए। पिछले चुनाव में जदयू के जो दो प्रत्याशी जीते थे, उनमें संतोष कुशवाहा भी एक थे।
किशनगंज में डॉ. जावेद ठोक रहे ताल
किशनगंज में कांग्रेस ने अपने दल के पुराने नेता डॉ. जावेद को उम्मीदवार बनाया है। वर्तमान में वे पार्टी से विधायक भी हैं। इससे पहले तीन बार विधायक रह चुके हैं। उनके मुकाबले जदयू ने महमूद अशरफ को अपना उम्मीदवार बनाया है। महमूद अशरफ राजग के दो मुस्लिम उम्मीदवारों में से एक हैं। दूसरे खगडिय़ा से लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे चौधरी महबूब अली कैसर हैं।
जदयू के लिए भी अहम है चुनाव
पिछले लोकसभा चुनाव में सीमांचल की इन सीटों के अलावा भागलपुर और बांका में भी भाजपा कामयाबी नहीं मिली थी। यह चुनाव जदयू के लिए भी अहम है, क्योंकि भागलपुर और बांका की सीटें पार्टी ने अपने हिस्से में ली है। इस कारण भाजपा के सैयद शाहनवाज हुसैन और पुतुल देवी को बेटिकट होना पड़ा है। पुतुल देवी तो बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बांका के चुनावी मैदान में कूद पड़ी हैं।
मुकाबले में जदयू के उम्मीदवार
दूसरे चरण में जिन पांच सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें से सभी पर महागठबंधन के प्रत्याशियों के खिलाफ जदयू उम्मीदवार ही मैदान में हैं। पिछले चुनाव में भाजपा के 30 उम्मीदवारों में से 22 ने जीत दर्ज की थी। जिन आठ सीटों पर भाजपा चुनाव हार गई थी, उनमें ये पांच सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर राजग की ओर से इस बार भाजपा की जगह जदयू चुनाव लड़ रहा है।

Posted By: Amit Alok