तिरुवनंतपुरम (पीटीआइ)। केरल लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के जीत के लिए सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ और विपक्षी कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ के नौ मौजूदा विधायक चुनावी मैदान में ताल ठोकने उतर गए हैं। दोनों मोर्चों ने अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप से चुनाव के लिए खड़ा कर दिया है।

हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व को आधिकारिक तौर पर दो निर्वाचन क्षेत्रों- वटकरा और वायनाड के उम्मीदवारों के नाम जारी करना बाकी है। केरल की 20 संसदीय सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। एक विधायक वाले भाजपा ने विपक्षी पार्टी की ओर से आम चुनाव के लिए विधायकों को मैदान में उतारने को लेकर इसे राज्य के लोगों का मजाक बताया है।

1956 में केरल के गठन के बाद से ही यह जगह द्विध्रुवीय राजनीति का केंद्र रही है, बताया जा रहा है कि इस बार यहां से मुकाबला दिलचस्प होगा। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सबसे अधिक छह विधायकों को मैदान में उतारा है। इसके अलावा पार्टी ने विधायक ए प्रदीप कुमार (कोझिकोड), एम आरिफ (अलप्पुझा), सीपीआई के चित्तम गोपाकुमार (मवेलिक्कारा), वीना जॉर्ज (पठानमटिट्टा), पी वी अनवर (पोन्नानी) और सीपीआई (तिरुवनंतपुरम) के सी दिवाकरन पर चुनाव मैदान में खड़े हैं।

भाजपा के राज्य प्रमुख पी. एस. श्रीधरन पिल्लई ने कहा कि कार्यकाल की समाप्ति से पहले सिटिंग विधायकों को मैदान में उतारना लोकतंत्र और विधान सभा का मजाक है।

Posted By: Nitesh