मुंबई, प्रेट्र। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि लोगों की भावना यही है कि मोदी सरकार को बदल दिया जाए लेकिन 'चिंता का एकमात्र विषय 'ईवीएम से छेड़छाड़ है। राकांपा प्रमुख विभिन्न दलों की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसमें कांग्रेस, तेदेपा, तृणमूल कांग्रेस, आप, माकपा, भाकपा और द्रमुक के नेतागण भी शामिल थे।

पवार ने कहा, 'मैं कई निर्वाचन क्षेत्रों में गया हूं। लोग (सरकार) परिवर्तन के मूड में हैं। वे केंद्र और राज्य दोनों जगह बदलाव चाहते हैं। इसपर कोई सवाल ही नहीं है। हमारी एकमात्र चिंता है कि कोई यह तकनीक प्रयोग कर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश करे..हमारी चिंता इन मशीनों से छेड़छाड़ की है।'

तेदेपा नेता एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'ईवीएम में प्रोग्रामिंग की गड़बडि़यां हो सकती हैं।' उन्होंने कहा कि भाजपा केवल छेड़छाड़ के बल पर ही वोट प्राप्त कर सकती है।

आंध्र पद्रेश के मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हो सकती है, उसे हैक किया जा सकता है और हेरफेर की जा सकती है। विश्व के केवल 18 देशों ने ही ईवीएम को अपनाया है।

तेदेपा प्रमुख ने कहा कि केरल, गोवा और उत्तर प्रदेश में पहले तीन चरणों में संपन्न चुनावों में ईवीएम के 'गलत काम करने और छेड़छाड़' की घटनाएं सामने आईं हैं। नायडू ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा और उससे कम से कम 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों की गणना कराने का आग्रह करेगा ताकि वोटों की गिनती में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र बचाने के लिए, हमने चुनाव आयोग से कहा है कि दोबारा जांच के लिए कम से कम 50 फीसद वीवीपैट पर्चियों की गिनती हो और अगर ईवीएम में और वीवीपैट पर्चियों (गिनती में) कोई अंतर पाया जाए तो वीवीपैट को ही सही माना जाए।'

नायडू ने कहा, 'गणना पूरी होने में अधिकतम दो दिन का समय लगता है.समय लगने और विश्‍वसनीयता में से, विश्‍वसनीयता को ही स्वीकार किया जाना चाहिए।' इस सम्मेलन को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे, आप नेता संजय सिंह, टीएमसी नेता नदीमुल हक और माकपा के महेंद्र सिंह ने  भी संबोधित किया।

Posted By: Prateek Kumar