नई दिल्ली, माला दीक्षित। Lok Sabha Election 2019 Result लोकसभा चुनाव में भाजपा और सहयोगी दलों को मिली बड़ी कामयाबी के पीछे देश की महिला मतदाताओं का भी खासा योगदान है जिन्होंने पुरुषों से ज्यादा मतदान करके एनडीए के हाथ मजबूत किये। सारांश में समझा जाए तो इज्जत घर देने वाली सरकार की लाज महिलाओं ने रख ली है। जहां जहां से एनडीए को ज्यादा सफलता मिली है उनमें से कुछ जगहों पर महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में ज्यादा मतदान किया है और कुछ जगहों पर पिछली बार की तुलना में इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा है।

महिला केंद्रित योजनाओं का कमाल
भाजपा और एनडीए की ओर महिलाओं के आकर्षित होने या ज्यादा संख्या में बाहर निकल कर मतदान करने के पीछे महिला केंद्रित योजनाएं इज्जत घर (घर में शौचालय), उज्ज्वला (गैस सिलेंडर), पीएम आवास (रहने के लिए घर) और प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना (घर घर बिजली) का महती योगदान माना जा रहा है जिसने न सिर्फ देश की महिलाओं का जीवन आसान किया बल्कि उनकी इज्जत का भी ख्याल रखा जिसे कभी किसी सरकार ने तवज्जो नहीं दी थी।

महिलाओं से जुड़े मुद्दों को रखा केंद्र में
गैस चूल्हा हो, बिजली हो, घर हो या शौचालय अथवा मुस्लिम समुदाय में व्याप्त तीन तलाक का प्रचलन अगर कोई उससे सीधे प्रभावित होता है तो वह है घर की नारी। नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने अपनी योजनाओं के केंद्र में महिला को रखा था और उसका उन्हें चुनाव में लाभ भी हुआ। केंद्रीय योजनाओं में लाभार्थियों के जिन आंकड़ों को चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री और अन्य सत्ताधारी दल के नेता गिना रहे थे वे मतदाताओं में परिवर्तित होकर सामने आ गई हैं।

महिला पुरुष के बीच मतदान का अंतर और बढ़ा
देश में 13 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज्यादा मतदान किया है। 13 में से 11 में पिछली बार 2014 में भी महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा था इस बार महिला पुरुष के बीच मतदान का अंतर और बढ़ा है। इस बार इसमें दो राज्य बिहार और उत्तराखंड और शामिल हो गए हैं। जिन 13 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा है उनमें बिहार, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुद्दूचेरी, दमन दीव, लक्षद्वीप हैं।

बिहार में महिलाओं के मतदान का प्रतिशत ज्‍यादा
बिहार में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है अगर बिहार में मतदान प्रतिशत पर निगाह डाली जाए तो महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में ज्यादा मतदान किया है। बिहार में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 59.92 है जबकि पुरुषों ने मात्र 55.26 फीसद था। बिहार में जिन सीटों पर महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा है उनमें कटिहार (72.37), सुपौल (71.64), किशनगंज (70.37), अररिया (69.39), पुर्णिया (68.15), बेगूसराय (67.13), समस्तीपुर (66.74), वैशाली (66.62), और उजियारपुर (65.12) हैं जबकि बिहार की कुल 40 संसदीय सीटों में से किसी पर भी पुरुषों का मतदान प्रतिशत 65 फीसद से ज्यादा नहीं रहा।

रैलियों में भी महिलाओं की भागीदारी ज्‍यादा
बिहार में पुरषों के मतदान का प्रतिशत 60 फीसद से ऊपर भी सिर्फ पांच सीटों पर रहा जिनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार और पुर्णिया हैं। बिहार में महिलाओं के ज्यादा संख्या में मतदान करने का कारण उपरोक्त केन्द्रीय योजनाओं का लाभ ज्यादातर जनता तक पहुंचना माना जा रहा है। महिलाएं इस चुनाव में एनडीए सरकार के प्रति कितनी रुचि रखती थीं इसका अंदाजा इसी से लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राज्य में हुई 12 रैलियों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा दिखी थी।

राजधानी दिल्‍ली में भी दिखाया दम
मध्य प्रदेश मे महिलाओं का मतदान प्रतिशत 68.46 फीसद था जो कि पिछले लोकसभा चुनाव से 12 फीसद ज्यादा है। जबकि पुरुषों के मतदान प्रतिशत में सिर्फ 9.5 फीसद का ही इजाफा हुआ है। मध्य प्रदेश में भाजपा को भारी सफलता मिली है। अगर दिल्ली को देखा जाए तो वहां कुल मतदान प्रतिशत कम रहा था। लेकिन फिर भी पिछली बार की तुलना में महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज्यादा था। तीन सीटों पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली और दक्षिण दिल्ली पर तो महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा था। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Krishna Bihari Singh