नई दिल्ली, प्रेट्र। दुनिया के 18 से अधिक देशों के चुनाव अधिकारियों और सांसदों ने रविवार को छठे चरण के मतदान के दौरान भारतीय चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के उपयोग को देखा। खास बात यह थी कि ये लोग ईवीएम से काफी प्रभावित नजर आए।

रूस के पास भी हैं, ईवीएम जैसी मशीनें
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के सदस्य ईए शेवचेंको ने दिल्ली के 12 मतदान केंद्रों का दौरा किया और इस दौरान चुनाव पर्यवेक्षकों से बात की। उन्होंने कहा कि ईवीएम के बारे में जानना दिलचस्प रहा। उन्होंने कहा कि मतदान के लिए उपयोग की जा रही ईवीएम हमें पसंद आई। सबसे ज्यादा दिलचस्प यह जानना रहा कि मतदाता को तुरंत ही अपना वोट पंजीकृत होने का पता चल जाता है। उन्होंने कहा कि रूस के पास ऐसी मशीनें हैं, जिसमें आइडी के तौर पर सिर्फ पासपोर्ट ही मान्य है। यह मशीनें बायोमीट्रिक पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि वे मशीनें ईवीएम के ही समान हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत की चुनावी प्रक्रिया का अध्ययन करने के लिए विदेशी प्रतिनिधिमंडल लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान भारत आते हैं। इस बार 18 से अधिक देशों के सदस्य यहां हैं। प्रतिनिधिमंडल में म्यांमार, भूटान, कंबोडिया, रूस, बोस्निया, बांग्लादेश, केन्या, मेक्सिको, मलेशिया, श्रीलंका और अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

रूस में कहीं से भी कर सकते हैं मतदान
रूस में अगर किसी व्यक्ति का वोट है तो वह देश के किसी भी हिस्से से वोट डाल सकता है। मतदान करने के लिए उसे अपने गृह नगर आने की आवश्यकता नहीं होती है। पिछले राष्ट्रपति चुनावों में ऐसे साठ लाख लोगों ने बिना अपने गृह नगर आए दूसरे शहरों से मतदान किया था। रूस के अधिकारी ने कहा कि हमारे देश में चुनाव चरणों में नहीं बल्कि एक दिन में संपन्न होते हैं।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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