जमुआ(गिरिडीह), उत्तम नाथ पाठक। दिन के साढ़े ग्यारह बजे 45 डिग्री तापमान चिलचलाती धूप व लू के बीच हजारों की संख्या में हर उम्र हर वर्ग के लोगों का काफिला जमुआ चितरडीह रोड किनारे स्थित रैली स्थल श्याम सिंह नावाडीह मैदान की ओर तेज-तेज कदमों से बढ़ा जा रहा था। नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में सुरक्षा चाक चौबंद थी। हर किसी में आपाधापी सभा स्थल पर जल्दी पहुंचने की। उधर, मंच पर नेताओं का संबोधन जारी था। जैसे-जैसे प्रधानमंत्री के आने का समय निकट आ रहा था मंच पर मौजूद नेता अपने भाषण को जल्द खत्म करने में लगे थे। वहीं भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी।

पीएम मोदी मंच पर आते ही एक साथ कई मोर्चे पर सबको साध गए। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही स्थानीय खोरठा भाषा में शुरू की पीएम बोले, बड़का, छोटका भैया बहिन के जोहार। इतना सुनते ही पूरा रैली स्थल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। रैली में मौजूद भीड़ का उत्साह उमड़ पड़ा और मोदी-मोदी के नारे लगने शुरू हो गए।

 वहीं ओबीसी बहुल इस क्षेत्र में पीएम ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन में उनकी सरकार द्वारा किए गए प्रयास और विरोधियों द्वारा इस आयोग के गठन में बार-बार व्यवधान का जिक्र कर एक बड़े वर्ग को सीधा संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस की हरवक्त कोशिश रही कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा न मिले। क्यूंकि लोग पिछड़े रहेंगे तो हम से अपना हक नहीं मानेंगे। लेकिन भाजपा की सरकार पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने को हरवक्त प्रयासरत रही है।

मंच पर मौजूद रहे दोनों सांसद व सभी विधायकः टिकट कटने से विक्षुब्ध चल रहे गिरीडीह के सांसद रवींद्र पांडेय व अब तक चुप्पी साधे रवींद्र राय भी मंच पर मौजूद थे। वह भी पहली कतार में। उनके साथ गिरिडीह व कोडरमा संसदीय क्षेत्र के सभी भाजपा विधायकों को भी इस बार मंच पर स्थान दिया गया था। शायद यह पहली बार होगा जब मंच पर सभी विधायकों को जगह मिली। उपस्थिति यह बताने को काफी थी कि पार्टी से बड़ा कोई कद नहीं। पार्टी के लिए जीत महत्वपूर्ण है व्यक्ति नहीं। रवींद्र राय ने अपने संबोधन में इसका जिक्र भी किया पहले उन्होंने पांच साल की अपनी तमाम उपलब्धि बताते हुए विकास की लंबी लकीर खींच देने की बात कही। इसके साथ ही अपना दर्द जुबां तक तो नहीं लाया लेकिन भाव में कह गए राजनीतिक जरूरतें व व्यक्ति बदलता रहता है। लेकिन देश व पार्टी सबसे बड़ी है।

मंच पर रवींद्र पांडेय से की चर्चा तो रवींद्र राय की पीठ थपथपाईः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर उनकी बिल्कुल साथ वाली कुर्सी पर रवींद्र पांडेय बैठे थे। पीएम ने रवींद्र पांडेय से कुछ देर चर्चा की। पांडेय भी पीएम को कुछ जानकारी देते दिखे। वहीं सभा के संबोधन के बाद जाते वक्त पीएम रवींद्र राय की पीठ थपथपा गए। जैसे कह रहे हों हौसला रखो कुछ अच्छा होगा। राय भी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़े रहे। एक साथ दोनों विक्षुब्धों को साधा।   

कुर्मी व कुशवाहा वोट बैंक भी अहमः कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में कुर्मी व कुशवाहा वोटों की बड़ी भूमिका होती है। कुशवाहा वोटों को रिझाने के लिए मंच पर पूर्व सांसद रीतलाल प्रसाद वर्मा के पुत्र प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष प्रणव वर्मा को भी जगह दी गई। वहीं कुर्मी वोटों को रिझाने के लिए मंच पर जदयू के शैलेंद्र महतो को भी स्थान दिया गया, उन्होंने भी सभा को संबोधित किया। एनडीए की एकजुटता दिखाने के लिए लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिरेंद्र प्रधान को भी बोलने का मौका मिला।

हिंदू आस्था का केंद्र रहे धर्मस्थलों का किया जिक्रः हिंदुओं की आस्था का केंद्र मां दुर्गा मां झारखंड समेत पूरे देश की आस्था का केंद्र रहे बाबा बैद्यनाथ धाम का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में दो बार किया। वहीं स्थानीय झारखंडी धाम का जिक्र करते हुए कहा की यह झारखंड धाम की धरती है।     

कुमारस्वामी का सेना में युवाओं के भर्ती पर दिए बयान का किया जिक्रः कोडरमा व गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग अभी सेना में हैं। यहां के युवा सेना बहाली में बढ़चढ़कर भाग लेते हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बयान का लोहरदगा के बाद यहां भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल को शर्म आनी चाहिए। कुमारस्वामी ने कहा कि सेना में वे लोग जाते हैं जिन्हें दो जून की रोटी नहीं मिलती। ये शर्मनाक है। भारत मां के वीर सपूतों का यह अपमान है। युवाओं और सैनिकों के परिवारों का यह अपमान है। लोग देश सेवा के लिए जाते हैं। 

स्थानीय लोगों को रांची तक वाया बरकाकाना रेल के सफर जल्द पूरा होने कराया अहसासः प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन में स्थानीय लोगों को विश्वास दिलाया कि एक से डेढ़ साल के अंदर कोडरमा व गिरिडीह के लोग वाया बरकाकाना रांची तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने कोडरमा-रांची रेल लाइन की आधारशिला रखी थी। कांग्रेस की सरकार ने इसे लटकाया। लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे पूरा करते हुए काम को आगे बढ़ाया है। आपने के सपने जल्द पूरे होंगे। 

जब सीएम का नाम मंच पर बुलाने के दौरान नहीं ले पाए केदार हाजराः पीएम के आने से पहले मंच पर जल्दी-जल्दी नेताओं का बयान खत्म हुआ। इसके बाद पीएम के साथ सीएम पहुंचे। जमुआ के विधायक केदार हाजरा के जिम्मे मंच संचालन की जिम्मेदारी थी। उन्होंने मंच से संबोधित किया झारखंड की शान, विकास की गंगा बहाने वाले विकास पुरुष अब संबोधित करेंगे। सीएम तब तक कुर्सी से उठकर संबोधन के लिए पहुंच चुके थे। हंसते हुए इशारों में उन्होंने हाजरा को कहा नाम तो बोला ही नहीं, हाजरा पुन: माइक पर पहुंचे और बोले मुख्यमंत्री रघुवर दास अब आपलोगों को संबोधित करेंगे।

विकास को फिर से डबल इंजन की सरकार जरूरी : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इतनी तेज धूप और प्रचंड गर्मी में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। यह उत्साह बता रहा है कि इस बार झारखंड से 14 की 14 सीटें जितवा कर प्रधानमंत्री को मजबूत करना है। झारखंड विकास के मार्ग पर चल चुका है। इसे आगे विकास के और रास्ते तय करने हैं। इसलिए फिर से डबल इंजन की सरकार जरूरी है। तब ही सही मायने में विकास को रफ्तार मिलेगी।

Posted By: mritunjay

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