लखनऊ, जेएनएन। केंद्र सरकार में उत्तर प्रदेश से महिलाओं की भागीदारी भी कम हो गई है। पिछली बार लोकसभा में उत्तर प्रदेश की 14 महिला सांसद चुनाव जीत कर गईं और उनमें पांच को मोदी सरकार में मंत्री बनने का मौका मिला, लेकिन इस बार महिला सांसदों की संख्या घटकर 11 हो गई और मोदी सरकार में सिर्फ दो महिला मंत्री बनी हैं।

उत्तर प्रदेश से इस बार सिर्फ स्मृति ईरानी और साध्वी निरंजन ज्योति मंत्री बनाई गई हैं। पिछली बार उमा भारती, मेनका गांधी, साध्वी निरंजन ज्योति, कृष्णा राज, अनुप्रिया पटेल को मौका मिला था। पिछली दफा स्मृति अमेठी से चुनाव हार गई थीं और वह गुजरात से राज्यसभा सदस्य बनीं। पर उन्हें भी उत्तर प्रदेश के ही कोटे में जोड़ा जाता रहा है। इस बार तो वह कांग्रेस के सबसे मजबूत अमेठी किले पर कब्जा जमाने में कामयाब हो गई हैं।

नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में साध्वी निरंजन ज्योति को फिर से राज्य मंत्री बनाया गया है। 52 साल की साध्वी निरंजन ज्योति ने फतेहपुर लोकसभा सीट पर गठबंधन उम्मीदवार बसपा के सुखदेव प्रसाद वर्मा को हराया था। पिछली सरकार में वह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री थीं। वह मूलत: कथावाचक हैं और मूसा नगर, कानपुर देहात में उनका आश्रम है। उमा भारती के बाद वह केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचने वाली देश की दूसरी साध्वी हैं। 2014 में उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीट से जीतकर पहली बार सांसद बनी थीं। इससे पहले वह फतेहपुर से ही 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक चुनी गई थीं। 

इस साल प्रयागराज कुंभ मेले में साध्वी निरंजन ज्योति को निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर की पदवी दी गई थी। यह पहला मौका था जब किसी केंद्रीय मंत्री को अखाड़े की ओर से महामंडलेश्वर की पदवी दी गई। साध्वी निरंजन ज्योति निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर परमानंद गिरी की शिष्या भी हैं।  

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Posted By: Umesh Tiwari

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