मुरादाबाद(सुशील कुमार)। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद एकजुट हुए सपा-बसपा और रालोद 26 साल बाद रामपुर में एक साथ आए। भारी भीड़ के लिहाज से देखा जाए तो गठबंधन की गांठ ज्यादा ढीली भी नहीं है। इसके बावजूद वोटों के बंटवारे की चिंता शीर्ष नेताओं के भाषण में हावी रही। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भाषण में जितना भाजपा को कोसा उससे अधिक कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। कांग्रेस के खिलाफ अखिलेश एक शब्द तक नहीं बोले। उनका पूरा भाषण सिर्फ मोदी पर ही फोकस रहा। दोनों नेताओं ने मंच से कहा कि एक भी वोट बंटने न पाए। मायावती ने कहा कि बोफोर्स घोटाले में कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ी। राफेल विमान सौदा में भाजपा सत्ता से बाहर होगी।

ये है स्थिति

बता दें कि रामपुर, सम्भल और मुरादाबाद सीट सपा के हिस्से में है। मायावती इन तीनों सीटों का गणित भी बखूबी समझती हैं कि अगर इस बार दलित वोटों का बंटवारा हुआ तो परिणाम कैसे होंगे? इसलिए मायावती ने भाजपा से ज्यादा कांग्रेस पर हमला किया। कांग्रेस के घोषणा-पत्र को हवा हवाई बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी गलत नीतियों के चलते सभी राज्यों में सत्ता के बाहर होती जा रही है। अपने मतदाताओं को सावधान किया कि इसके बहकावे में मत आना। वह यहीं नहीं रुकीं। अपने भाषण में तीन बार कहा कि भाजपा आरएसएस ने धन्ना सेठों, पूंजीपतियों को मालामाल किया है। पीएम पर हमला बोलने से भी माया ने गुरेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि चौकीदार की नाटकबाजी और जुमलों से काम नहीं चलेगा। रामपुर में इनके छोटे-बड़े चौकीदार घूम रहे हैं, जो मिलकर कितनी भी ताकत लगा लें, जनता इन्हें माफ नहीं करेगी।

इस तरह की साधने की कोशिश

माया ने मंच से मुस्लिम, दलितों के साथ पिछड़ों को भी साधने की कोशिश की। खुद के पीएम बनने का पूरा पैकेज भी बयां किया। कहा कि सत्ता में आए तो युवाओं को सहकारी और प्राइवेट कंपनियों ने रोजगार देंगे। पिछड़ों को भी आरक्षण देंगे। माया ने राष्ट्रवाद का जवाब भी दिया। कहा कि देश की सीमाएं असुरक्षित हो गई है, आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं। देश के जवान शहीद हो रहे हैं। दोनों नेताओं ने नोटबंदी और जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि दावा किया था काला धन विदेश में जमा है, जो सत्ता के सौ दिन बाद वापस लाएंगे। रामपुर जिले के लोगों से पूछती हूं क्या आपको एक रुपया भी मिला? अपनी कांशीराम योजना के बारे में बताया कि गरीबों के दिए मकान आज भी दिखाई दे रहे हैं। लोगों को आगाह किया कि भावनाओं में बहकर पिछले चुनावों की तरह जाति और धर्म के नाम पर वोट बर्बाद मत करना। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने जनता से सवाल करते हुए उनसे जवाब मांगा। साथ ही दोनों चरणों का रिजल्ट भी उनके सामने रख दिया। कहा कि पहले और दूसरे चरण में गठबंधन ने भाजपा का खाता तक नहीं खोलने दिया। तीसरे चरण में भी रामपुर से लेकर पीलीभीत तक खाता नहीं खोलने देंगे। मोदी के महामिलावट का जवाब देते हुए कहा कि इस बार जनता महापरिवर्तन कर उसका जवाब देगी। अखिलेश ने गन्ना किसानों का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी को किसान विरोधी बताया। साथ ही मोदी को एक फीसद आबादी का प्रधानमंत्री बताया और बेरोजगारी, भ्रष्टाचार पर भी घेरने की कोशिश की।

 

Posted By: Narendra Kumar

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