टिहरी, अनुराग उनियाल। उत्तराखंड बनने के बाद लोकसभा की टिहरी सीट के सियासी परिदृश्य को देखें तो यहां मुख्य मुकाबले में भाजपा और कांग्रेस ही रहे हैं। ऐसे में इस मर्तबा भी दोनों ही राष्ट्रीय दलों में टिकट को लेकर खासी टिक-टिक है। हालांकि, अभी इन दलों ने प्रत्याशियों को लेकर मुट्ठी नहीं खोली है, मगर दावेदारी को लेकर घमासान शुरू हो गया है।

दावेदारों व उनके समर्थकों के दिल्ली और देहरादून में डेरा डालने से इसकी तस्दीक भी होती है। अभी तक की तस्वीर देखें तो भाजपा में टिकट को लेकर मौजूदा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम मुख्य रूप से चल रहे हैं। यद्यपि, पार्टी से कई अन्य नेता भी दावेदारी कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस में भी इस सीट पर टिकटार्थियों की भरमार है। लेकिन, मुख्य रूप से विधायक एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नाम फिजां में तैर रहे हैं।

सियासत के लिहाज से महत्वपूर्ण टिहरी पहाड़ और मैदान में समाहित है। इसका इतिहास राज परिवार की धुरी पर घूमता आया है, मगर कई बार सियासी दांव से करवट भी बदली है। 2014 के लोस चुनाव में यहां राष्ट्रीय दलों सहित 16 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य अजमाया था। तब भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी साकेत बहुगुणा को हराया था। 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा कांग्रेस के नौ विधायकों को लेकर भाजपा में शामिल हो गए थे।

जाहिर है कि भाजपा में इस सीट से टिकट को लेकर जंग खासी दिलचस्प हो गई है। यहां मौजूदा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह व विजय बहुगुणा को मुख्य दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है। मौजूदा सांसद क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। क्षेत्र में सक्रियता और दो बार की जीत के आधार पर वह दौड़ में हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की बात करें तो भाजपा में शामिल होने का इनाम उन्हें अभी तक नहीं मिल पाया है। उनके अलावा विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, साकेत बहुगुणा, मोदी मिशन की राष्ट्रीय महामंत्री सुनीता चंदेल, टिहरी की जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण के नाम भी दावेदारों में बताए जा रहे हैं।

कांग्रेस को देखें तो कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नाम पार्टी दावेदारों में उभरकर सामने आए हैं। किशोर उपाध्याय तो लंबे अर्से से क्षेत्र में तैयारियों में सक्रिय भी हैं। उनके अलावा पूर्व मंत्री मातबर सिंह कंडारी, शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट व नवप्रभात के अलावा प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह की ओर से भी इस सीट से दावेदारी पेश किए जाने की चर्चा है।

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Posted By: Raksha Panthari

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