जागरण संवाददाता, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य व एडीजी (सीआइडी) राजीव कुमार को हटाए जाने के साथ ही चुनाव प्रचार के लिए एक दिन की कटौती करने के चुनाव आयोग के फैसले को मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पक्षपातपूर्ण करार दिया। बुधवार रात कालीघाट स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से मुखातिब ममता ने कहा-'चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक, अनैतिक व राजनीति से प्रेरित है। मैंने ऐसा चुनाव आयोग पहले न कभी देखा और न ही सुना।

ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित किया जा रहा है। बंगाल में कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। मोदी-शाह के निर्देश पर आयोग ने यह कदम उठाया है। मैं चुनाव आयोग का सम्मान करती हूं, लेकिन यह कहने में कोई परहेज नहीं कि यह फैसला पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। मुझे आयोग की ओर से शोकॉज किए जाने अथवा गिरफ्तार किए जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन मैं बंगाल की जनता की आवाज को दबाकर नहीं रख सकती।

हिंसा में शामिल लोग बाहरी थे
ममता ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में ¨हसा करने वाले सभी बाहरी थे। लेकिन, अन्याय करने वालों के खिलाफ कोई कदम उठाने के बजाय आयोग ने शाह की धमकी के बाद बंगाल में एक दिन पहले ही चुनाव प्रचार बंद करने का निर्देश दे दिया। यदि प्रचार पर पाबंदी ही लगानी थी तो बुधवार शाम को ही लगाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि पीएम मोदी की गुरुवार को बंगाल में दो सभाएं हैं। चुनाव आयोग की ओर से अनुच्छेद 324 के तहत प्रचार पर समय पूर्व पाबंदी को लेकर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक अधिकार का दुरुपयोग है, क्योंकि राज्य में कानून-व्यवस्था कोई समस्या ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी अपने बाहुबल से सभी संस्थानों को हाईजैक कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो फिर आखिर आम जनता कहां जाएगी?

निर्धारित चुनावी कार्यक्रम में किया बदलाव
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि जो कार्यक्रम में पूर्व में शुक्रवार को निर्धारित थे, उसे वह गुरुवार को ही करेंगी। उन्होंने कहा-'मैं जानती हूं कि आयोजन के लिए समय नहीं है। बेशक मुझे मथुरापुर में खुले में सभा करनी पड़े। इसके अलावा ममता ने महानगर के बेहला और सुकांतपल्ली से ढाकुरिया के बीच रोड शो के शुक्रवार को निर्धारित कार्यक्रम को भी बदलकर गुरुवार को कर दिया है।

आज मोमबती जुलूस निकालने का आह्वान
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ गुरुवार को राज्यभर में कार्यकर्ताओं से मोमबती जुलूस निकालने का आह्वान किया। काले कपड़े पहन कर विरोध जताने का भी आह्वान किया गया।

एक सेकेंड में भाजपा दफ्तर व घरों पर कर सकती हूं कब्जा
पत्रकार वार्ता से पहले दिन में ममता ने भाजपा को चेताते हुए कहा कि आप लोगों का नसीब अच्छा है कि मैं यहां शांत बैठी हूं। वरना एक सेकेंड में दिल्ली में भाजपा दफ्तर और तुम्हारे घरों पर कब्जा कर सकती हूं। ममता ने भाजपा अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमित शाह क्या भगवान हैं, जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता है? ममता बनर्जी का यह बयान कोलकाता में अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा के बाद सामने आया है। उधर, मंगलवार को हुई ¨हसा में विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में तृलमूल कांग्रेस ने बुधवार को ममता की अगुवाई में विरोध जुलूस निकाला।

बंगाल की संस्कृति से मोदी को खेलने नहीं दूंगी
दमदम संसदीय क्षेत्र के आगरपाड़ा स्थित विद्यासागर कीड़ांगन में बुधवार को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता ने कि मैं मोदी को बंगाल की संस्कृति से खेलने नहीं दूंगी। भले इसके लिए मेरी जान ही क्यों न चली जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा बाहर से लोगों को बुलाकर विद्यासागर जैसे महान मनीषी की मूर्ति तुड़वाती है। रही बात बंगाल के लोगों की, तो कोई भी विद्यासागर की मूर्ति पर हाथ नहीं लगाएगा, क्योंकि यहां का बच्चा-बच्चा बंगाल की संस्कृति में विद्यासागर के योगदान के बारे में जानता है। उन्होंने कहा कि कभी माकपा ने बंगाल की संस्कृति को नष्ट करने का काम किया था और आज वाम और राम मिलकर यह काम कर रहे हैं।

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Posted By: Sanjeev Tiwari