लखनऊ [अजय जायसवाल]। पिछली बार नमो लहर में सिफर पर सिमटी बसपा ने अबकी अपने चुनावी प्रबंधन को व्यापक रूप देते हुए बहुत कुछ नया किया है। पार्टी जहां सोशल मीडिया पर सक्रिय हुई है वहीं बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ के लिए सूबे को दो सेक्टर में बांटते हुए समर्पित युवाओं को तरजीह दी जा रही है। पार्टी की मदद के लिए बहुजन वालिन्टियर फोर्स (बीवीएफ) के जवान जहां सक्रिय हैैं, वहीं एक बार फिर बसपा को बुलंदी पर पहुंचाने के लिए 'बामसेफ' भी चुपचाप जुटा हुआ है।

दरअसल, 35 वर्ष पुरानी बसपा के लिए 17वीं लोकसभा का चुनाव बेहद अहम है। कैडर बेस पार्टी की मुखिया मायावती अबकी चुनाव में ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटेें जीतना चाहती हैैं ताकि बसपा के राष्ट्रीय पार्टी होने के दर्जे पर मंडराते खतरे को टाल अपनी राजनीतिक हैसियत को फिर हासिल किया जा सके। ऐसे में 2017 में विधानसभा चुनाव के बाद से ही मायावती ने लोकसभा चुनाव की तैैयारियां शुरू कर दी थी। प्रत्याशियों के चयन से लेकर बूथ स्तर तक के प्रबंधन के लिए वह नियमित बैठकें करती रहीं। समीक्षा कर जोनल कोऑर्डिनेटर से लेकर बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों को बदलने के साथ ही पुराने स्वरूप में भी बदलाव किया है।

पहले जहां मंडल स्तर पर जोनल कोऑर्डिनेटर ही जिले के पदाधिकारियों और मायावती के बीच की कड़ी थे वहीं अब नौ-नौ मंडल के दो सेक्टर हैैं। सेक्टर प्रभारी अब कोऑर्डिनेटर को रिपोर्ट करते हैैं और वे बसपा प्रमुख को। कोआर्डिनेटर के नीचे जिला, विधानसभा, सेक्टर कमेटी तो हैैं ही। अब प्रत्येक बूथ पर 23 पदाधिकारियों की कमेटी बनाई गई है जबकि पहले 10 की होती थी। युवा मतदाताओं की अहमियत को समझते हुए पार्टी में न्यूनतम 50 फीसद पदाधिकारी युवा बनाए गए हैैं।

बसपा सुप्रीमो ने समय और परिस्थिति के साथ खुद को भी बदला है। भाजपा व अन्य पार्टियों की तरह मायावती ने खुद सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाई है। सूत्रों के अनुसार इसके लिए पहली बार चुनावी कैंपेन करने वालों की भी मदद ली जा रही है। विदेश में पढ़े भतीजे आकाश भी मायावती के साथ रहकर चुनाव प्रबंधन के कार्य में जुटे हैैं। पूर्व की बसपा सरकार में किए कार्यों की पुस्तकें और आडियो-वीडियो के माध्यम से भी मतदाताओं को बसपा के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सक्रिय है बहुजन वालिन्टियर फोर्स

अन्य राजनीतिक पार्टियों की तरह बहुजन समाज पार्टी का भले ही सक्रिय यूथ विंग न हो लेकिन पार्टी के पास जैसी बहुजन वालिन्टियर फोर्स (बीवीएफ) है वैसी अन्य किसी पार्टी में देखने को नहीं मिल सकती है। देश के लिए जैसे सैनिक मर-मिटने को मुस्तैद रहते हैं वैसे ही बीवीएफ के जवान पार्टी को पूरी तरह से समर्पित हैं। पार्टी ने बूथ स्तर तक बीवीएफ जवानों का नेटवर्क फैलाया है।

बसपा की बुलंदी को 'बामसेफ' भी जुटा

गैर राजनीतिक संगठन 'बामसेफ' भी बसपा को बुलंदी पर पहुंचाने में जुटा है। किसी तरह के शोर-शराबे के बिना 'बामसेफ' सदस्य बसपा प्रमुख मायावती को दिल्ली की गद्दी पर बैठाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। कहना गलत न होगा कि 'बामसेफ' बसपा के लिए अब कुछ उसी तरह से है जैसे भाजपा के लिए 'संघ'। गौरतलब है कि 'बामसेफ' यानि दी ऑल इंडिया बैकवर्ड (एससी, एसटी, ओबीसी) एंड मायनॉरिटी कम्यूनिटीज इम्प्लॉईज फेडरेशन का गठन बसपा के संस्थापक कांशीराम ने किया था। 

खास बातें

- पहली बार ट्विटर पर मायावती, भतीजा आकाश भी है सक्रिय।

- बूथ तक पैनी नजर रखने को सूबे को दो सेक्टर में बांटा। 

- हर एक बूथ पर अब 23 सक्रिय यूथ की कमेटी, हर एक मंडल में कई जोनल कोऑर्डिनेटर। 

- पार्टी की मदद को बहुजन वालिन्टियर फोर्स के जवान भी हैैं सक्रिय।

- एक बार फिर बसपा की बुलंदी को 'बामसेफ' भी जुटा है चुपचाप।

Posted By: Dharmendra Pandey