लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव 2019 में बेहद गंभीर हैं। बसपा मुखिया के साथ गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में ताबड़तोड़ चुनावी सभा कर रहे अखिलेश यादव को भरोसा है कि इस बार गठबंधन अहम भूमिका में रहेगा। उनका दावा है कि भाजपा को गठबंधन के बारे में भ्रामक प्रचार करने पर मुंह की खानी पड़ेगी। अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर भी हमला बोला और साफ कहा कि वह कांग्रेस के प्रति सॉफ्ट नहीं हैं।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कल निजी चैनल के साथ वार्ता में कहा कि भाजपा लगातार भ्रामक प्रचार कर रही है कि गठबंधन सिर्फ 23 मई कि रहेगा। यह उनका बड़ा भ्रम है, जो उनके उनके भ्रामक प्रचार की तरह ही टूट जाएगा। हमने बहुजन समाज पार्टी के साथ लंबे समय बाद एक बार फिर संबंध मजबूत किया है। अखिलेश ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर में हम उपचुनाव जीत गए तो लगा कि कि हम दोनों अगर गठबंधन बनाएंगे तो ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतेंगे और देश को बचाने की कोशिश करेंगे। हम इसमें सफल भी रहेंगे। उनका बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन 23 मई के बाद भी जारी रहेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि यह चुनाव देश बचाने, देश की संस्थाओं को बचाने का चुनाव है। देश को बचाने वाला चुनाव है। आज हम जिस तरह की चीजें देख रहे हैं वो कभी इस देश में नहीं हुईं। सुप्रीम कोर्ट के जज बाहर आकर कह रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में हैं। एक आर्टिकल में कहा गया है कि ये सरकार लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। जो लोग हम पर जातिवादी होने का आरोप लगा रहे हैं वे देखें कि उत्तर प्रदेश में आज कौन लोग क्या कर रहे हैं।

लोकसभा चुनाव में जाति और धर्म का प्रयोग करने पर सपा प्रमुख ने कहा कि कहा कि बात सिर्फ दलित, यादव, मुस्लिम की नहीं है। महिलाएं हमें बड़ी संख्या में वोट दे रही हैं क्योंकि डिंपल हमारे साथ हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय पूनम सिन्हा की टिकट फाइनल किया गया, उस समय शत्रुघ्न सिन्हा को कांग्रेस का टिकट नहीं मिला था। अखिलेश यादव ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा से मेरी बातचीत हुई, मैंने ऑफर नहीं किया था, लेकिन उन्होंने कहा था कि मैं नहीं लड़ सकता हूं। मैंने पटना की जनता से वादा किया हुआ है। वे कह चुके थे कि उनकी पार्टी बदल सकती है चुनाव क्षेत्र नहीं बदलेगा। अखिलेश यादव ने यह भी बताया कि लखनऊ के कायस्थ समाज के कहने पर ही उन्होंने पूनम सिन्हा को उत्तर प्रदेश की राजधानी से चुनाव मैदान में उतारा है।

अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ कांग्रेस पर भी बराबर का निशाना साधा। अमेठी-रायबरेली में कांग्रेस के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के लिए सॉफ्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस को दो सीटें दी गई हैं। हमने यह फैसला मायावती जी के साथ मिलकर किया है। हम उनको गठबंधन में शामिल करेंगे और अमेठी व रायबरेली की सीटें उनके लिए छोड़ेंगे। दोनों का संयुक्त फैसला था। हमने माना कि ये परंपरागत रूप से कांग्रेस की सीटें हैं। अखिलेश ने कहा कि हालांकि भाजपा व कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है। इनकी नीतियों की वजह से ही देश की हालत खराब है। जिस समय हमारी बातचीत हुई और सीटें तय कीं उस समय हमने ये दो सीटें छोडऩे का फैसला किया लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं कांग्रेस के प्रति सॉफ्ट हूं। अखिलेश यादव ने कहा कि मेरे पुराने बयान देख लीजिए, मैंने हमेशा कहा कि है कि कांग्रेस देश की हर समस्या के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त गठबंधन पर बात हो रही थी, कांग्रेस ने बसपा से मध्य प्रदेश में गठबंधन तोड़ दिया। उसके बाद वही कांग्रेस के लोग चाहते थे कि मैं गठबंधन कर लूं। अखिलेश ने कहा कि मैंने कह दिया था कि बसपा के बिना गठबंधन नहीं होगा, लेकिन तीन राज्यों में सरकार बन जाने के बाद कांग्रेस ने पीछे मुड़कर देखा ही नहीं।

प्रियंका गांधी पर बोला हमला

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलने के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी पर भी हमला बोला है। प्रियंका गांधी के यूपी में कमजोर उम्मीदवार उतारने वाले बयान पर अखिलेश यादव ने कहा प्रियंका गांधी कन्फ्यूज हैं जबकि राहुल गांधी का बयान भी विरोधाभासी है। अखिलेश अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस ने धोखा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही मुलायम सिंह यादव के खिलाफ सीबीआई जांच बैठाई और उनकी पत्नी डिंपल के खिलाफ जांच बैठाई। उन्होंने कहा कि आज जो व्यक्ति पीआईएल दायर करने वाला है, वह कांग्रेस पार्टी का है। 

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Posted By: Dharmendra Pandey

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