लखनऊ (जेएनएन)। सम्मान की खातिर समाजवादी पार्टी छोड़कर अपना अलग दल प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव अब लोकसभा चुनाव में ताल ठोंकने को तैयार हैं। प्रदेश में सभी 80 सीट पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा करने वाले शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी को छोड़कर किसी भी दल से अब गठबंधन को तैयार हैं। शिवपाल को भरोसा था कि कांग्रेस के साथ उनकी बात बनेगी, लेकिन कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषण शुरू कर दी है और इस बीच एक बार भी शिवपाल सिंह यादव से कोई बात भी नहीं की।

कांग्रेस के इस रुख पर शिवपाल सिंह यादव यादव ने बयान जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि हमने कांग्रेस का एक महीने तक इंतजार किया। कांग्रेस के नेता रोज मीटिंग करते रहे, लेकिन बीच में सूची जारी कर दी। कांग्रेसी नेता भी झूठे लोग हैं।

आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव को भी कांग्रेस की ओर से अभी तक निराशा हाथ लगी है। उन्होंने भी गठबंधन में नहीं होने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर शिवपाल यादव ने हाल में कहा था कि हम दूसरे अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ मिलकर गठबंधन बनाने जा रहे हैं। हम सेकुलर पार्टियों से गठबंधन को तैयार हैं। उसमें एक कांग्रेस भी है. अगर कांग्रेस हमसे गठबंधन के लिए संपर्क करेगी तो हम बिल्कुल तैयार हैं।

शिवपाल ने कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर कहा था कि कांग्रेस भी एक सेक्युलर पार्टी है और अगर वह भाजपा को हराने के लिए हमसे संपर्क करती है तो हम उसका समर्थन करेंगे। शिवपाल यादव ने सपा-बसपा गठबंधन को ठगबंधन करार दिया था। उन्होंने कहा कि यह ठगबंधन है और पैसे के लिए किया गया है।

इससे पहले कहा जा रहा था कि कांग्रेस का शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठबंधन तय है। कल लखनऊ में राज बब्बर ने भी इसकी तस्दीक करते हुए कहा प्रदेश में शिवपाल और अन्य दलों के साथ गठबंधन को लेकर प्रयास चल रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस शामिल नहीं है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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