लखनऊ, जेएनएन। बसपा सुप्रीमो मायावती मंगलवार से देशव्यापी चुनावी दौरे शुरू करेंगी। 17 मई तक वह लगातार कहीं न कहीं चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगी। उत्तर प्रदेश में सात अप्रैल को मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव देवबंद से संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार का श्रीगणेश करेंगे।

सत्रहवीं लोकसभा के लिए हो रहे आम चुनाव के मद्देनजर पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए बसपा सुप्रीमो 45 दिनों में लगभग सौ सभाएं करेंगी। वह औसतन दो सभाएं प्रतिदिन करेंगी। दो अप्रैल को ओडि़शा से चुनावी अभियान की शुरूआत करते हुए मायावती भुवनेश्वर के बीजू पटनायक प्ले ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगी।

ओडि़शा में लोकसभा के साथ ही राज्य की विधान सभा के लिए भी आम चुनाव हो रहे हैैं। बसपा वहां किसी से गठबंधन किए बिना अकेले ही चुनाव मैदान में उतरी है। तीन-चार अप्रैल को आंध्रप्रदेश व तेलंगाना, पांच को नागपुर में मायावती की सभाएं रखी गई हैैं। 10 अप्रैल को बसपा प्रमुख मैसूर-चेन्नई में, 11 को केरल में और 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर की जयंती पर मायावती छत्तीसगढ़ के जांजगीर संसदीय क्षेत्र में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगी। गौर करने वाली बात है कि बसपा के संस्थापक कांशीराम ने 1984 में इस क्षेत्र से ही पहला चुनाव लड़ा था। तब यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में था। 17 अप्रैल को बसपा सुप्रीमो की गुजरात के अहमदाबाद में चुनावी जनसभा रखी गई है।

दूसरे राज्यों की सभाओं के बीच नवरात्र के दौरान सात अप्रैल को मायावती और अखिलेश यादव देवबंद में संयुक्त रैली से सूबे में भी चुनावी शंखनाद करेंगे। संयुक्त रैली में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह भी मौजूद रहेंगे। गठबंधन के मद्देनजर मायावती की जहां सपा के कोटे वाली सीटों पर अखिलेश के साथ संयुक्त चुनावी जनसभा होगी वहीं मायावती बसपा के कोटे वाली सभी 38 सीटों पर भी सभाएं करेंगी। चुनावी सभाएं मतदान के अंतिम चरण से पहले 17 मई तक लगातार जारी रहेंगी। मायावती की अंतिम सभा वाराणसी में प्रस्तावित है। वाराणसी से एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उम्मीदवार हैैं।

Posted By: Umesh Tiwari