जयपुर, जागरण संवाददाता। कांग्रेस में लोकसभा चुनावों में टिकट वितरण के मापदंड तय कर दिए गए है। लोकसभा चुनाव में किसी मौजूदा विधायक को टिकट नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मौजूदा विधायकों को लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं देने के फैसले से राजस्थान के नेताओं को अवगत करा दिया है। लोकसभा टिकट के मापदंडों को लेकर पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद इसके मापदंड तय किए गए है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

इन मापदंडों के बाद अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं डिप्टी सीएम सचिन पायलट के लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी विराम लग गया है। प्रदेश से कई विधायक लोकसभा चुनाव के टिकट की दावेदारी कर रहे थे, उन्हें भी पार्टी के इस फैसले से झटका लगा है।

मार्च में उम्मीदवार घोषित करने का दावा

राजस्थान में कांग्रेस के पास 100 विधायक है। ऐसे में पार्टी नतेाओं का एक धड़ा पहले से ही मौजूदा विधायकों को लोकसभा चुनाव लड़वाने के पक्ष में नहीं था। अब राहुल गांधी के स्तर पर फैसला होने के बाद विधायकों की दावेदारी पर पूर्ण विराम लग गया है। कांग्रेस ने इस बार लोकसभा चुनाव टिकट की प्रक्रिया से लेकर टिकट वितरण के मापदंडों तक में कई बदलाव किए है। कांग्रेस नेता मार्च में लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने का दावा कर रहे है। अब देखना होगा टिकट वितरण का नया फार्मूला कितना कारगर साबित होता है । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,उपमुख्यमंत्री और पीसीसी अघ्यक्ष सचिन पायलट एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने प्रत्याशी चयन को लेकर कार्यकर्ताओं एवं नेताओं से फीड़बैक ले लिया है।

कांग्रेस बना रही खास फार्मूला

मिशन-25 के तहत लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने खास फार्मूला तय किया है। इसके तहत प्रत्येक लोकसभा सीट के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। इसके तहत शक्ति कैंप में ट्रेंड कार्यकर्ता मतदाताओं के बीच जाकर उन्हे कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने को लेकर प्रेरित करेंगे। ये कार्यकर्ता मतदाता को पोलिंग बूथ तक लोकर पार्टी के पक्ष में मतदान कराना सुनिश्चित करेंगे।

 

Posted By: Preeti jha

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