दुर्गापुर, जागरण संवाददाता। बर्धमान-दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस एवं माकपा प्रत्याशी के नामों की घोषणा के बाद दोनों दल चुनावी मैदान में उतर गए हैं। राजनीतिक दलों ने चुनाव वैतरणी पार करने के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है।

जनता के पास जाने के लिए मुद्दे भी सोचे जा रहे हैं। माकपा ने बर्धमान-दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र के लिए मुद्दा भी सोच लिया है। माकपा की ओर से दुर्गापुर में किसानों की आत्महत्या बड़ा मुद्दा होगा। इसके साथ ही वह क्षेत्र के बड़े उद्योगों की दयनीय स्थिति का मसला भी जोर-शोर से उठाएगी और मतदाताओं को अपनी तरफ करने की कोशिश करेगी।

गौरतलब है कि बर्धमान-दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र उद्योग एवं ग्रामीण इलाकों का मिश्रण है। संसदीय क्षेत्र के पश्चिम इलाके की पहचान औद्योगिक क्षेत्र के रूप में है जबकि संसदीय क्षेत्र का पूर्वी इलाका ग्रामीण है, जो कृषि पर निर्भर है। संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए माकपा ने इसे मुद्दा बनाया है। दुर्गापुर में पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने आए माकपा प्रत्याशी आभास राय ने इसका संकेत भी दे दिया।

उन्होंने कहा-‘दुर्गापुर में डीएसपी, एएसपी, डीपीएल जैसे उद्योगों की हालत दयनीय है। शहर में निजी उद्योगों की हालत भी बेहद खराब है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। केंद्र सरकार के नोटबंदी-जीएसटी जैसे कदम के कारण भी लोगों की रोजी-रोटी छीनती जा रही है। तृणमूल के पिछले आठ वर्ष के शासनकाल में एक भी उद्योग नहीं लगा है।

Posted By: Preeti jha

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